अपनों और समाज से तिरस्कृत विधवा और निराश्रित माताओं से जब देश के महामहिम मिले तो उनकी बूढ़ी पथराई आंखें नम हो गईं। राष्ट्रपति ने माताओं को दुलारा, पुचकारा और पास बैठाकर उनकी पीढ़ा सुनी। देश के प्रथम नागरिक को अपने इतने करीब देखकर माताओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोपहर लगभग 12:15 बजे कृष्णा कुटीर आश्रय सदन में जैसे ही राष्ट्रपति का आगमन हुआ, आश्रय सदन का वातावरण बदल ही गया। राष्ट्रपति ने पहले मंदिर में दर्शन किए। माताओं ने स्वागत गीत गाते हुए टीका लगाकर और आरती कर महामहिम का स्वागत सत्कार किया। राष्ट्रपति ने वृद्ध माताओं के राधे राधे का जवाब भी राधे-राधे कहकर दिया। अपनों और समाज से दूर वृंदावन की पावन धरा पर भक्ति और मोक्ष की कामना लिए जीवन के अंतिम पड़ाव पर पहुंचीं माताओं के लिए यह पल एक स्वप्न जैसा रहा। माताओं ने महामहिम को अपने द्वारा बनाए उत्पाद अगरबत्ती, पोशाक, अचार व कंठी माला भेंट की तो राष्ट्रपति ने भी महिलाओं को साड़ी व हेल्थ किट प्रदान की।
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Ram Nath Kovind in Vrindavan: राष्ट्रपति से मिलकर बूढ़ी पथराई आंखें हो गईं नम, तस्वीरों में देखें भावुक क्षण
Mon, 27 Jun 2022 09:03 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 27 Jun 2022 09:03 PM IST
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राष्ट्रपति से मिलकर महिलाएं के छलके आंसू
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने माताओं को 10 मिनट तक संबोधित किया।
- फोटो : अमर उजाला
महामहिम ने महिलाओं से उनकी कुशलक्षेम जानी और जल्द ही तीर्थयात्रा कराने का भरोसा भी दिलाया तो महिलाएं खासी उत्साहित दिखाई दीं। कई महिलाएं तो इस कदर भावुक हो गईं कि खुशी से उनकी आंखें भर आईं। महामहिम व उनकी पत्नी सविता कोविंद लगभग डेढ़ घंटे तक कृष्णा कुटीर की निराश्रित माताओं के बीच रहीं। राष्ट्रपति ने हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन कर माताओं को प्रोत्साहित किया। पंडाल में आयोजित संवाद समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने माताओं को 10 मिनट तक संबोधित किया।
छात्राओं के साथ राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया
कृष्णा कुटीर के सभागार में आयोजित संवाद समारोह में हनुमान प्रसाद धानुका बालिका विद्यालय की चार छात्राओं ने राष्ट्रगान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्रा प्रिया गुप्ता का सोमवार को जन्मदिन भी था तो उन्हें सबसे अच्छा गिफ्ट राष्ट्रपति ने दिया। छात्राओं के संकोच को राष्ट्रपति समझ गए और उन्हें मंच पर बुलाकर साथ में फोटो कराया। राष्ट्रपति ने बेटियों के सिर पर हाथ रखा और उन्हें आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। राष्ट्रपति के साथ फोटो कराने के बाद छात्रा प्रिया गुप्ता, मुस्कान दिवाकर, चेतना शर्मा और सुगंधा तिवारी के साथ संगीत शिक्षिका सुमन शर्मा एवं सोनिया चतुर्वेदी की खुशी का ठिकाना न रहा।
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राष्ट्रपति से मिलकर महिलाएं के छलके आंसू
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति कृष्ण प्रेम जता गए
राष्ट्रपति ने कहा कि वृंदावन को मैं राधा और कृष्ण के अलौकिक प्रेम का एक जीवंत स्मारक मानता हूं। यहां अनेक बार मेरा आना हुआ लेकिन पिछले कुछ समय से मेरे मन में श्रीबांकेबिहारी जी के दर्शन करने और माताओं-बहनों से मिलना की इच्छा थी। इसीलिए फिर से वृंदावन आने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है। वृंदावन का अर्थ होता है तुलसी का वन। तुलसी स्वयं ही देवी का प्रतीक हैं। तुलसी का हर हिस्सा पवित्र है।
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मंचासीन राष्ट्रपति, सीएम योगी व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने कहा कि वृंदावन के कण-कण में प्रेम और त्याग की कहानियां बसी हुई हैं। यहां राधा के प्रेम को याद किया जाता है तो यशोदा के मातृप्रेम को भी सम्मान दिया जाता है। यहां प्रीति का उत्सव मनाते हैं तो मीराबाई के समर्पण भाव का भी सम्मान करते हैं। हमारी संस्कृति में वैसे तो नारी को देवी और लक्ष्मी कहा गया है। यहां तक कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है।