{"_id":"668e0bf9dfd5428c160445b8","slug":"hathras-stampede-case-this-is-how-responsibility-was-fixed-in-hathras-incident-2024-07-10","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Hathras Stampede: हाथरस हादसे में इस तरह तय की गई जिम्मेदारी...ये हैं खास तथ्य; पढ़ें रिपोर्ट में और क्या-क्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras Stampede: हाथरस हादसे में इस तरह तय की गई जिम्मेदारी...ये हैं खास तथ्य; पढ़ें रिपोर्ट में और क्या-क्या
Wed, 10 Jul 2024 12:19 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Jul 2024 12:19 PM IST
विज्ञापन
Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत के मामले में पहली बड़ी कार्रवाई हुई है। सरकार ने सिकंदराराऊ के एसडीएम समेत छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी की रिपोर्ट में एसडीएम रविंद्र कुमार, सीओ आनंद कुमार, थाना प्रभारी आशीष कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार, चौकी इंचार्ज कचौरा मनवीर सिंह एवं चौकी इंचार्ज पोरा बृजेश पांडेय को लापरवाही बरतने का दोषी माना है।
Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट में भगदड़ के लिए कार्यक्रम के आयोजकों को जिम्मेदार ठहराते हुए हादसे के पीछे साजिश की आशंका जताई है और गहन जांच की संस्तुति की है। एसआईटी ने सोमवार देर रात विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी थी, जिसे मंगलवार को मुख्यमंत्री के सामने पेश किया गया।
Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट में कार्यक्रम आयोजक तथा तहसील स्तरीय पुलिस व प्रशासन के छह अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दोषी बताया गया। सभी ने दायित्वों का निर्वहन करने में लापरवाही बरती। एसआईटी ने पाया, एसडीएम रविंद्र ने गंभीरता न दिखाते हुए बिना मौका-मुआयना किए आयोजन की अनुमति दे दी। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत नहीं कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी ने दो जुलाई को हादसे के बाद एसआईटी बनाई थी, जिसमें एडीजी जोन आगरा अनुपमा कुलश्रेष्ठ और मंडलायुक्त अलीगढ़ चैत्रा वी. शामिल थीं। एसआईटी ने हादसे के 24 घंटे बाद अपनी रिपोर्ट हाथरस पहुंचे सीएम योगी को सौंपी थी, तब उन्हें विस्तृत जांच कर दोबारा रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग भी बनाया गया है, जो हाथरस का दौरा कर चुका है।
विज्ञापन
Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
125 लोगों के बयान
एसआईटी ने तीन बार मौके का निरीक्षण किया। अफसरों, आम जनता एवं प्रत्यक्षदर्शियों सहित 125 लोगों का बयान दर्ज किया। फोटोग्राफ, वीडियो फुटेज का भी संज्ञान लिया गया। रिपोर्ट न्यायिक आयोग के साथ साझा की जा सकती है।
एसआईटी ने तीन बार मौके का निरीक्षण किया। अफसरों, आम जनता एवं प्रत्यक्षदर्शियों सहित 125 लोगों का बयान दर्ज किया। फोटोग्राफ, वीडियो फुटेज का भी संज्ञान लिया गया। रिपोर्ट न्यायिक आयोग के साथ साझा की जा सकती है।