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78 दिन बाद भगवान को लगा भोग, मंदिरों में गूंजे घंटे-घड़ियाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 09 Jun 2020 01:21 AM IST
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After 78 days, God felt enjoyment, hours and gongs echoed in temples
prayagraj news - फोटो : prayagraj

मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों के ताले सोमवार को सरकार की गाइड लाइन के तहत खोल दिए गए। मंदिरों में घंटे-घड़ियाल के साथ मंगला आरती की गई और श्रद्धालुओं को सैनिटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद ही मंदिरों में प्रवेश दिया गया। संगम पर पुरोहितों ने गंगा, यमुना, विलुप्त सरस्वती की सविधि आरती उतारी।  जबकि, सिर्फ पांच लोगों के प्रवेश की अनुमति की वजह से मस्जिदों में बाजमात नमाज अदा नहीं की जा सकी। पहले की तरह इमाम के साथ चार अन्य लोगों ने मस्जिदों में पांचो वक्त की नमाज अदा की।



सोमवार को धार्मिक स्थल अनलॉक तो हो गए, लेकिन मंदिरों में पहले जैसी न भीड़ नहीं लगने दी गई। एक साथ लोगों को कतारबद्ध होकर मंदिरों में प्रवेश नहीं करने दिया गया। कुछ श्रद्धालु फूलमाला और मिठाई का भोग लेकर पहुंचे, लेकिन बड़े हनुमान मंदिर, हनुमत निकेतन समेत अन्य मंदिरों में गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रतिमाओं पर चढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई। न तो भक्त प्रतिमाओं को स्पर्श कर सके और ना ही प्रसाद वितरण किया गया।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj

मंदिरों में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के हाथों को सैनिटाइज कराया जा रहा था। बड़े हनुमान मंदिर परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बनाए गए गोले के निशान में ही श्रद्धालु खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इसके अलावा कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भी मंदिरों में सजगता बरती गई। मंदिर में मास्क के बिना किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj

पुजारी भी चेहरे पर मॉस्क और हाथों में ग्लब्स लगाकर ही गर्भगृह में पहुंचे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौजूदगी में सुबह भोग आरती के साथ बड़े हनुमान मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शाम चार बजे बड़े हनुमान मंदिर की महाआरती में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों ने हिस्सा लिया।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj

इसी तरह हनुमत निकेतन में भी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश दिया गया। कल्याणी देवी शक्तिपीठ के कपाट भी मंगला आरती के साथ खोल दिए गए। पुजारी श्याम जी पाठक के आचार्यत्व में मंदिर परिसर में कोरोना महामारी के खात्मे के लिए विशेष अनुष्ठान आरंभ किया गया। मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया गया।

मंदिर में नियमानुसार दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों को प्रवेश दिलाया जाता रहा। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा व महामंत्री धीरज नागर ने व्यवस्था संभाली। अलोपशंकरी मंदिर, वेणीमाधव, तक्षक तीर्थ,सोमेश्वर महादेव, अलौकिक शनिधाम, पड़िला महादेव समेत अन्य मंदिरों में आम श्रद्धालुओं ने पूजा-आरती की। 

सोशल डिस्टेंसिंग में संगम और रामघाट पर गंगा आरती प्रयागराज। संगम तट और रामघाट पर सोमवार की शाम सविधि पूजन के साथ गंगा आरती आरंभ हुई। इस दौरान जय गंगे माता... के आराधना गीत पर श्रद्धालु सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंत्रमुग्ध होते रहे। घंटे-घड़ियाल और भजनों के साथ राम घाट पर हरिहर गंगा आरती में छह फीट की दूरी पर लोग खड़े हुए।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj

मनकामेश्वर और पातालपुरी के नहीं खुले ताले, हजारों श्रद्धालु वापस

प्रयागराज। छावनी क्षेत्र में स्थित मनकामेश्वर महादेव और अकबर केकिले में स्थित पातालपुरी मंदिरों को सरकार के निर्देश के बाद भी सोमवार को नहीं खोला जा सका। मनकामेश्वर मंदिर केपुजारी श्रीधरानंद महाराज दिन भर अफसरों से गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। हालत यह थी कि कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर से मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार वाले मार्ग के गेट को ही नहीं खुलने दिया गया।

राजस्व परिषद बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री एडवोकेट विजयचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मनकामेश्वर मंदिर का गेट न खुलने की वजह से हजारों की संख्या में श्रद्धालु वापस हो गए और मंदिर में पूजा आरती नहीं हो सकी। इस मामले को लेकर छावनी बोर्ड प्रशासन को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा। उधर, पातालपुरी मंदिर के महंत योगेश्वर रवींद्रनाथ योगी ने बताया कि किला प्रशासन ने मंदिर का ताला नहीं खुलने दिया। इससे भोग, आरती तो बंद रही ही, परिसर की साफ-सफाई भी नहीं कराई जा सकी। मेलाधिकारी रजनीश मिश्र ने किला प्रशासन के अफसरों से बात भी की , लेकिन ताले नहीं खुल सके।
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