इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र शशांक सिंह यादव की गोली मारकर हत्या करने की पटकथा तीन माह पहले ही लिखी जा चुकी थी। मामले में नामजद शुभम बीएचएस के नाम से बनी इंस्टाग्राम आईडी पर इसका खुलासा हुआ है। जिसमें नवंबर-2024 को उसने लिखा है कि गोली चलेगी तुम्हारे लिए गुड्डू। हालांकि अब यह पोस्ट डिलीट हो चुकी है।
यश का नाम गुड्डू भी है। ऐसे में शशांक के परिवार को शक है कि इनके बीच रंजिश थी। इंस्टाग्राम की इस आईडी पर ऐसे कई वीडियो और फोटो हैं, जो गैंगस्टर के गानों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में पुलिस अब आईडी को भी ट्रेस कर शुभम को तलाश रही है।
वहीं, विकास यादव ने बताया कि उसका भांजा शशांक इविवि में पढ़ाई के साथ-साथ सिविल लाइंस स्थित कार शोरूम में पार्ट टाइम सेल्समैन का भी काम करता था।
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विपाल करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
दोस्तों से पता चला कि शुभम और उसके गुट से शशांक की पुरानी रंजिश चल रही थी। लेकिन, इसका कारण क्या था, किसी को नहीं पता है। सिर्फ यह मालूम चला कि शुभम और उसके दोस्तों ने वारदात को अंजाम दिया है। मूलरूप से चित्रकूट का रहने वाला शुभम मेंहदौरी में यश उर्फ गुड्डू के साथ रहता है।
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गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वारदात के पांच घंटे पहले घर से बाहर गया था छात्र
पुलिस को पता चला है कि वारदात के दिन शशांक नवाबगंज जगदीशपुर स्थित अपने घर पर था, लेकिन दोपहर करीब तीन बजे एक दोस्त उसे अपने साथ ले गया। रात आठ बजे घटना को अंजाम दे दिया गया।
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इंस्टा पर लिखी पोस्ट
- फोटो : अमर उजाला
छात्रों में आपसी गुटबाजी की आशंका
विकास यादव ने बताया, इन सभी आरोपियों का आपस में ग्रुप बना हुआ है। आशंका जताई है कि वर्चस्व को लेकर छात्रों में गुटबाजी होती होगी। वहीं, एसीपी कर्नलगंज ने बताया, शशांक के साथ बाइक पर मौजूद उसके दोस्तों की अब तक कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
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गमगमीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
शशांक की हत्या में एक युवती को लेकर आरोपियों से विवाद की बात सामने आ रही है। लेकिन, इसमें कितनी सत्यता है आरोपियों के गिररफ्तार होने के बाद ही पता चलेगा। इसमें छह नामजद समेत 10 पर एफआइआर की गई है। इनकों पकड़ने के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है। जल्द ही इन सभी को दबोच लिया जाएगा। -अभिषेक भारती, पुलिस उपायुक्त, प्रयागराज