कुंभ में शनिवार की शाम सात समंदर पार से आए कलाकारों ने भारतीय परंपरा, संस्कृति और गरिमा का अपनी प्रस्तुतियों के जरिए जमकर बखान किया।
(सभी तस्वीरें:- अनिरूद्ध पांडे)
डिवाइन लाइट कल्चरल ग्रुप के तहत रूस, यूक्रेन, बेलारूस सहित कई देशों के कलाकारों ने राष्ट्रगान गाया तो पूरा गंगा पंडाल भारत माता की जयघोष से गुंजायमान हो गया और जब रूस की बाला ने 'जिंदगी प्यार का गीत है इसे हर दिल को गाना पड़ेगा...' गाया तो दर्शक पंडाल में नाचने लगे। इसके बाद की फिल्मी नगमों से चार चांद लगा दिया।
यह प्रस्तुति ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से कुंभ के सबसे भव्य सांस्कृति मंच गंगा पंडाल में की गई।
गंगा पंडाल में विदेशी कलाकारों ने भारतीय राष्ट्रगान से कार्यक्रम की शुरुआत की। एक साथ कई देशों के कलाकारों ने जब राष्ट्रगान की प्रस्तुति की तो पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इसके बाद नृत्यमय प्रस्तुतियों के जरिए राष्ट्रध्वज का आकार मुक्त कंठ से सराहा गया। इसके बाद देशभक्ति गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति से दिव्य कुंभ में चार चांद लगाया।
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