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Mahakumbh 2025: धर्मध्वजा के नीचे पुकार संग आरंभ हुई नागा दीक्षा, 24 घंटे तप के बाद गंगा किनारे होगा संस्कार
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 18 Jan 2025 01:14 PM IST
सार
धर्मध्वजा के नीचे नागा बनने के इच्छुक साधुओं की पुकार के साथ नागा दीक्षा आरंभ हो गई है। जूना अखाड़े की चारों मढ़ियों में प्रक्रिया शुरू हो गई है। 24 घंटे तप के बाद गंगा किनारे संस्कार होगा।
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Mahakumbh 2025
- फोटो : अमर उजाला
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जूना अखाड़े की चारों मढ़ियों में नागा साधु बनाने की प्रक्रिया धर्मध्वजा के नीचे पुकार के साथ आरंभ हुई। नागा बनने को इच्छुक साधुओं ने पुकार होने पर हाजिरी लगाई। गुरु के चरणों में दक्षिणा अर्पित की।
शनिवार से इनकी 24 घंटे की तपस्या आरंभ होगी। 48 घंटे लंबी प्रक्रिया के बाद इन साधुओं का नागा संस्कार पूरा होगा। जूना अखाड़े की 16 मढ़ी, 13 मढ़ी, 14 मढ़ी और चार मढ़ी में नागा बनने के इच्छुक साधुओं की पुकार हुई।
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Mahakumbh 2025
- फोटो : अमर उजाला
पुकार के साथ ही नागा साधु बनने के लिए कार्यवारी के पास अखाड़े के खाते में 5,100 रुपये की पर्ची भी कटाई। 13 मढ़ी में सर्वाधिक करीब 300 साधुओं ने पर्ची कटाई। इसी तरह अन्य मढ़ियों में भी साधुओं ने पर्ची कटाई। अखाड़े के श्रीमंहत मोहन गिरि के मुताबिक, नागा बनने के इच्छुक साधुओं ने अपने गुरु से आज्ञा ली।
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mahakumbh
- फोटो : adobe stock
अब योग्य साधुओं को 24 घंटे की तपस्या करनी होगी। तपस्या पूरी होने के बाद सभी को गंगा तट पर ले जाया जाएगा। गंगा तट पर ही मुंडन, जनेऊ और पिंडदान समेत अन्य संस्कार कराए जाएंगे। श्रीमहंत के मुताबिक, यह सभी प्रक्रिया पूरी होने में 48 घंटे लगेंगे। इसके बाद इन साधुओं की नागा दीक्षा पूरी होगी।
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स्नान करते नागा साधु
- फोटो : अमर उजाला
आवाहन अखाड़ा में कालिंदी ने लिया संन्यास
बांदा से आए कालिंदी प्रसाद ने शुक्रवार को आवाहन अखाड़े के महंत इंद्र गिरि उर्फ ऑक्सीजन वाले बाबा के सानिध्य में संन्यास धारण किया है। उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को मुख्य ध्वजा के नीचे आचार्य पीठाधीश्वर से दीक्षा लेने के बाद नागा की पदवी मिल जाएगी। वह इस अखाड़े से 2001 से जुड़े हैं। संस्कार न होने के कारण अभी तक बाबा की पदवी नहीं मिली थी। लेकिन, अब इनका नाम संत महाकाल गिरि हो गया है।
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स्नान करते हुए साधु संत
- फोटो : PTI
शिविर में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिकता का संगम
मेहंदीपुर बालाजी सेवा शिविर में बलिया के गायक चिंटू सेवक व टीम मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहे हैं। शिविर में सुबह और शाम श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसाद की व्यवस्था है। महंत नरेश पुरी ने कहा कि शिविर में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिकता का संगम है।
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