{"_id":"6a855ab238f97a816d0eb3ad","slug":"prayagraj-drowns-in-disaster-schools-hospitals-offices-police-stations-courts-all-waterlogged-details-in-hindi-2026-08-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"संगमनगरी में उफनाई आफत: स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने और कोर्ट सब जगह पानी-पानी; कई जगह पांच फीट तक जलभराव; फोटो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगमनगरी में उफनाई आफत: स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने और कोर्ट सब जगह पानी-पानी; कई जगह पांच फीट तक जलभराव; फोटो
Wed, 19 Aug 2026 01:41 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:41 PM IST
सार
प्रयागराज में बारिश के बाद भीषण जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं। कई मोहल्लों में चार से पांच फीट तक पानी भरा है। जॉर्जटाउन, करेली, गंगानगर, राजरूपपुर और आनंदपुरम में हालत ज्यादा खराब हैं। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने और कोर्ट कचहरी के साथ बाजार में पानी-पानी हो रहा है।
विज्ञापन
prayagraj flood
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज। यह है देश की प्रमुख पर्यटन नगरी...। यहां हर वर्ष लाखों लोग पवित्र नदियों के संगम में डुबकी लगाने आते हैं। शहर घूमते हैं और यहां की प्रतिष्ठा पूरे देश में पहुंचाते हैं। यहां गंगा और यमुना जैसी दो विशाल नदियां उफान के बाद भी खामोशी से बहती रहती हैं, लेकिन विडंबना देखिए... शहर के नाले-नालियां दो दिन की बारिश नहीं झेल पाते। जिस शहर में विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए, वहां के लोगों का जीवन इन दिनों नर्क जैसा है। नाले-नालियों और सीबर का पानी उफनाकर इनके घरों में भर गया है। गृहस्थी खराब होने से महिलाओं के आंसू थम नहीं रहे हैं। सांप-बिच्छू-कनखजूर आंखों के सामने उतरा रहे हैं। करंट फैलने के डर से बिजली काट दी गई है। डर के मारे बच्चों में चीख-पुकार मची है। भूख-प्यास लगने के बाद भी खत्म जैसी हो गई है। लाचारी ये है कि आंगन में भरा पानी बाहर सड़क पर फेंक नहीं सकते, क्योंकि पूरे इलाके की सड़कों और गलियों में पहले से ही चार-पांच फीट पानी भरा है। यह दर्द सिर्फ कुछ मोहल्लों तक सीमित नहीं है। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने, कोर्ट-कचहरी, बाजार हर जगह तो पानी भरा है।
लगातार हुई तेज बारिश के कारण नगर निगम परिसर में हुआ जल भराव
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल बंद हो गए हैं। अस्पतालों में मरीजों का पहुंचना कठिन हो गया है। बाजार जब तब खुल रहे हैं। सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसा लगता है जैसे प्रयागराज में आफत उफना पड़ी है। गंभीर सवाल ये है कि इन दिनों जो लोग प्रयागराज घूमने आए हैं, वे यहां के विकास की भला कैसी तस्वीर लेकर जा रहे होंगे।
लगातार हुई तेज बारिश के कारण जार्जटाउन थाने में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
निरंजन डॉट पुल और जॉर्जटाउन में बिगड़े हालात
निरंजन डॉट पुल, सीएमपी डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी और जॉर्जटाउन के हालात बेहद खराब हैं। यहां पर कमर के ऊपर तक पानी भर गया है। जॉर्जटाउन में संगम टंकी, सीएमपी डिग्री कॉलेज से लेकर जॉर्जटाउन थाना, सपा कार्यालय के पास व अन्य मार्गों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित है। इन इलाकों में दिनभर पानी भरा रहा।
निरंजन डॉट पुल, सीएमपी डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी और जॉर्जटाउन के हालात बेहद खराब हैं। यहां पर कमर के ऊपर तक पानी भर गया है। जॉर्जटाउन में संगम टंकी, सीएमपी डिग्री कॉलेज से लेकर जॉर्जटाउन थाना, सपा कार्यालय के पास व अन्य मार्गों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित है। इन इलाकों में दिनभर पानी भरा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तेज बारिश के कारण करैली जेके अशियाना मोहल्ले में हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
नदियां बढ़ीं... सताने लगा बाढ़ का डर
गंगा और यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर ने संगम नगरी में एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह आठ से रात आठ बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। फाफामऊ में गंगा 79.95 से बढ़कर 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 से बढ़कर 78.92 मीटर हो गई। नदियों का पानी बढ़ने के साथ गंगा-यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। घाटों की सीढ़ियां डूबने, तटवर्ती रास्तों पर पानी पहुंचने और निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
गंगा और यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर ने संगम नगरी में एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह आठ से रात आठ बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। फाफामऊ में गंगा 79.95 से बढ़कर 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 से बढ़कर 78.92 मीटर हो गई। नदियों का पानी बढ़ने के साथ गंगा-यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। घाटों की सीढ़ियां डूबने, तटवर्ती रास्तों पर पानी पहुंचने और निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
करैली जेके अशियाना मोहल्ले में हुआ जलभराव में डूबी बाइक।
- फोटो : अमर उजाला
अनाज खराब, बच्चों की किताबें भीगीं
आनंदपुरम में सौ से ज्यादा घरों में घुटने तक पानी भरा है। लोगों की गृहस्थी उतरा रही है। यहां के निवासी राजेंद्र पाठक के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है। बोले किराये का घर है। गांव से आया अनाज खराब हो गया है। बच्चों की कॉपी-किताबें भी भीग गई हैं। नाते-रिश्तेदारों के यहां ठिकाना खोजना पड़ रहा है।
आनंदपुरम में सौ से ज्यादा घरों में घुटने तक पानी भरा है। लोगों की गृहस्थी उतरा रही है। यहां के निवासी राजेंद्र पाठक के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही है। बोले किराये का घर है। गांव से आया अनाज खराब हो गया है। बच्चों की कॉपी-किताबें भी भीग गई हैं। नाते-रिश्तेदारों के यहां ठिकाना खोजना पड़ रहा है।