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इंजीनियर का कत्ल: महज संयोग या साजिश...दोनों घटनाओं में रात 2:30 बजे ही पहुंचा कातिल; सामने आई ये बड़ी जानकारी
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:07 PM IST
सार
प्रयागराज में कमांडर वर्क इंजीनियर ने जान को खतरा बताया था। 13 मार्च की रात चोरों ने आवास में सेंध लगाने का प्रयास किया गया था। इसके बाद उन्होंने सेंट्रल एयर कमांड बमरौली के सीओ को पत्र भेजा था।
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मृत इंजीनियर और हत्यारोपी सौरभ
- फोटो : अमर उजाला
कमांडर वर्क इंजीनियर (सीडब्ल्यूई) सत्येंद्र नारायण मिश्र की सुरक्षा के मामले में एक बड़ी बात सामने आई है। 13 मार्च की रात हुई घटना की लिखित शिकायत करने और जान का खतरा बताने के बावजूद मामले में एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई। इसका खुलासा उस शिकायती पत्र से हुआ है, जो उन्होंने सेंट्रल एयर कमांड बमरौली के सीओ को भेजा था।
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हत्या में इस्तेमाल बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
चाकू, पाइप रॉड और ग्रिल कटर भी हुआ था बरामद
उन्होंने इसकी सूचना नॉर्थ कैंप के गार्ड रूम को दी तो एयरफोर्स पुलिस पहुंची। 14 मार्च की सुबह एक बदमाश के एक पैर का जूता परिसर की बाउंड्री के पास नाले में मिला, जिसे जांच टीम ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा एक चाकू, पाइप रॉड और ग्रिल कटर भी बरामद हुआ। इसके साथ ही दीवार पर पेड़ के पास लगे कंटीले तार भी काटे गए थे। उन्होंने पत्र में लिखा था कि इस घटना से उनकी जान व संपत्ति को खतरा है। अफसर के परिजनों का कहना है कि शिकायत पर सुरक्षा बढ़ाई गई, हालांकि घटना वाली रात रात सुरक्षा नहीं थी। दरअसल इस घटना के कुछ दिन पहले ही परिजन बाहर से लौटे थे। परिजनों को आशंका है कि यात्रा पर जाने के दौरान ही सुरक्षा हटा ली गई।
उन्होंने इसकी सूचना नॉर्थ कैंप के गार्ड रूम को दी तो एयरफोर्स पुलिस पहुंची। 14 मार्च की सुबह एक बदमाश के एक पैर का जूता परिसर की बाउंड्री के पास नाले में मिला, जिसे जांच टीम ने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा एक चाकू, पाइप रॉड और ग्रिल कटर भी बरामद हुआ। इसके साथ ही दीवार पर पेड़ के पास लगे कंटीले तार भी काटे गए थे। उन्होंने पत्र में लिखा था कि इस घटना से उनकी जान व संपत्ति को खतरा है। अफसर के परिजनों का कहना है कि शिकायत पर सुरक्षा बढ़ाई गई, हालांकि घटना वाली रात रात सुरक्षा नहीं थी। दरअसल इस घटना के कुछ दिन पहले ही परिजन बाहर से लौटे थे। परिजनों को आशंका है कि यात्रा पर जाने के दौरान ही सुरक्षा हटा ली गई।
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कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र व हत्यारा सौरभ
- फोटो : अमर उजाला
महज संयोग या साजिश दोनों घटनाओं में रात 2:30 बजे ही पहुंचा हत्यारोपी
मामले में एक चौंकाने वाली बात यह है कि 28 व 13 मार्च की रात सत्येंद्र नारायण के घर चोरों के पहुंचने का समय लगभग एक है। पुलिस अफसरों ने बताया कि हत्या वाली रात आरोपी सत्येंद्र नारायण के घर पर रात 2:40 बजे करीब पहुंचा। उधर, कमांडर वर्क इंजीनियर ने पूर्व में हुई घटना के संबंध में भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि चोर 13 मार्च की रात भी करीब 2:30 बजे उनके घर पर पहुंचे। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
मामले में एक चौंकाने वाली बात यह है कि 28 व 13 मार्च की रात सत्येंद्र नारायण के घर चोरों के पहुंचने का समय लगभग एक है। पुलिस अफसरों ने बताया कि हत्या वाली रात आरोपी सत्येंद्र नारायण के घर पर रात 2:40 बजे करीब पहुंचा। उधर, कमांडर वर्क इंजीनियर ने पूर्व में हुई घटना के संबंध में भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि चोर 13 मार्च की रात भी करीब 2:30 बजे उनके घर पर पहुंचे। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
हत्यारोपी सौरभ
- फोटो : अमर उजाला
परिजन बोले- कोर्ट की निगरानी में हो जांच
अफसर के परिजनों ने मांग उठाई है कि इस हत्याकांड की कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस के बावजूद कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। उनका कहना है कि खुलासे के मुताबिक, आरोपी परिसर और घर से बखूबी परिचित था। ऐसे में वह तब क्यों नहीं आया, जब परिवार बाहर था और घरवाले यात्रा पर गए थे और एक दिन पहले ही वापस लौटे। घरवालों का आरोप यह भी है कि हत्या में जिस असलहे का प्रयोग किया गया, उसमें साइलेंसर लगा था, हालांकि पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।
अफसर के परिजनों ने मांग उठाई है कि इस हत्याकांड की कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस के बावजूद कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। उनका कहना है कि खुलासे के मुताबिक, आरोपी परिसर और घर से बखूबी परिचित था। ऐसे में वह तब क्यों नहीं आया, जब परिवार बाहर था और घरवाले यात्रा पर गए थे और एक दिन पहले ही वापस लौटे। घरवालों का आरोप यह भी है कि हत्या में जिस असलहे का प्रयोग किया गया, उसमें साइलेंसर लगा था, हालांकि पुलिस ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।
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prayagraj murder
- फोटो : अमर उजाला
सवाल यह भी
उसने ऐसे घर को क्यों चुना, जहां हाल ही में एक घटना हुई थी और परिवार ने सुरक्षा की मांग की थी?
हाई सिक्योरिटी जाने वाले क्षेत्र में चोरी क्यों?
मकसद चोरी था तो घर के मालिक को जगाने के लिए दरवाजे (सामने और पीछे) पर दस्तक क्यों?
अफसर के जागने पर भागने की जगह गोली क्यों चलाई?
उसने ऐसे घर को क्यों चुना, जहां हाल ही में एक घटना हुई थी और परिवार ने सुरक्षा की मांग की थी?
हाई सिक्योरिटी जाने वाले क्षेत्र में चोरी क्यों?
मकसद चोरी था तो घर के मालिक को जगाने के लिए दरवाजे (सामने और पीछे) पर दस्तक क्यों?
अफसर के जागने पर भागने की जगह गोली क्यों चलाई?