कैंट के बेली गांव स्थित पानी की टंकी पर चढ़े अधिवक्ता व उसके परिजनों को लगातार समझाया जाता रहा। पुलिस व प्रशासनिक अफसर उनसे नीचे उतरने की अपील करते रहे। हालांकि उनकी मेहनत का असर 57 घंटे बाद तब शुरू हुआ जब टंकी पर चढ़े लोग बातचीत को राजी हुए। आखिरकार 61वें घंटे में मेहनत रंग लाई और परिवार को सकुशल नीचे उतार लिया गया।
57 घंटे बाद शुरू हुआ असर, 61वें घंटे में रंग लाई अफसरों की मेहनत, पानी की टंकी से उतारा गया परिवार (देखें तस्वीरें)
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 09 Nov 2020 10:24 PM IST
सार
कब क्या हुआ
- सुबह 6 बजे- हरदोई से जिला बार, प्रशासन व पुलिस अफसर पहुंचे
- 9 बजे- सीओ, एसपी सिटी समेत अन्य अफसरों ने फिर की नीचे उतरने की अपील
- 11 बजे- एनडीआरएफ व जल पुलिस ने जाल बिछाने का काम किया शुरू
- 12 बजे- प्रशासनिक अफसरों संग मौके पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने भी फोन पर शुरू की बातचीत
- दोपहर 2 बजे- एसएसपी व डीएम भी आए मौके पर, अफसरों से की मंत्रणा
- 3 बजे- हरदोई से आए बार उपाध्यक्ष व डीजीसी ने फिर की समझाने की कोशिश
- 3.30 बजे- अधिवक्ता के बुलाने पर हरदोई से आए दोनों वकील टंकी पर चढ़े
- 4.15 बजे- परिवार समेत अधिवक्ता से बातचीत कर दोनों नीचे उतरे
- 4.30 बजे- हाईकोर्ट बार अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे
- 5.00- फोन पर हुईबातचीत के बाद टंकी पर चढ़े लोग नीचे उतरने को हुए राजी
- 5.40- सभी सकुशल नीचे उतरे
- 6.00- पुलिस व प्रशासनिक अफसरों संग हरदोई के लिए रवाना किए गए
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