Prayagraj : झूंसी में मादा तेंदुआ और उसके दो शावक दिखने से मचा हड़कंप, सीसीटीवी में कैद हुई गतिविधि
झूंसी में फिर एक बार तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया है। इस बार मादा तेंदुआ और उसके दो शावकों की गतिविधि हवेलिया वार्ड में लगे एक सीसीटीवी में कैद हुई। इसके बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है, साथ ही सर्च आपरेशन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झूंसी में फिर एक बार तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया है। इस बार मादा तेंदुआ और उसके दो शावकों की गतिविधि हवेलिया वार्ड में लगे एक सीसीटीवी में कैद हुई। इसके बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है, साथ ही सर्च आपरेशन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। लोगों से शाम और रात में बेवजह घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
झूंसी के हवेलिया वार्ड में मादा तेंदुआ और उसके दो शावक शनिवार की देर रात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। झूंसी के वार्ड नं 52 हवेलिया क्षेत्र स्थित लक्कड़ बाबा मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में एक मादा तेंदुआ और उसके दो शावक दिखाई देने की सूचना सामने आने के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
कैमरे के वीडियो में समय और तारीख भी दिखाई दे रही है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। अपील की है कि अपने सारे कार्य दिन के समय ही निपटाने का प्रयास करें तथा शाम और रात में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
पहली बार धनैचा में दिखा था तेंदुआ
प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र में लगभग छह माह से ग्रामीणों के बीच दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के लंबे अभियान के बाद पकड़ा गया था। यह तेंदुआ झूंसी, हनुमानगंज, मलखानपुर और आसपास के गांवों में कई बार देखा गया था, जिसके कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग के अनुसार अगस्त 2025 में सबसे पहले हनुमानगंज क्षेत्र के मलखानपुर धनेचा गांव में तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद कई दिनों तक उसकी तलाश की गई। वन विभाग ने थर्मल ड्रोन, पिंजरे और विशेषज्ञ टीमों की मदद से खोज अभियान चलाया, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।
आठ जनवरी को छिबैया में पकड़ा गया
इस दौरान तेंदुए के कई बार गांवों के आसपास घूमने और लोगों तथा पशुओं पर हमला करने की घटनाएं सामने आईं। ग्रामीणों ने रात में घरों से निकलना कम कर दिया और खेतों में जाने से भी डरने लगे। वन विभाग ने कई स्थानों पर पिंजरे लगाए और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। आठ जनवरी 2026 को हनुमानगंज क्षेत्र के छिबैया गांव में तेंदुआ एक घर में घुस गया। इससे पहले उसने दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। घर के लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलने पर वन विभाग, पुलिस और पीएसी की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब नौ से दस घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित पकड़ लिया गया।
आठ जनवरी को छिबैयां से पकड़ा गया था तेंदुआ
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ पूर्ण विकसित नर था और उसकी उम्र लगभग सात से आठ वर्ष आंकी गई। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की, लेकिन कुछ दिन बाद फिर हरीश चंद्र शोध संस्थान (एचआरआई) कैंपस में तेंदुआ के दिखने से लोग दहशत में रहे। एक बार तो वह निदेशक की गाड़ी के आगे कूद गया। वन विभाग के अनुसार यही तेंदुआ अगस्त 2025 से गंगापार के कई गांवों कोटवा, लीलापुर, सुदनीपुर, जमुनीपुर और बहादुरपुर क्षेत्र में घूम रहा था। लगभग छह महीने तक लोगों में दहशत फैलाने के बाद आठ जनवरी 2026 को झूंसी क्षेत्र के छिबैया गांव में एक घर में घुसने पर उसे सुरक्षित पकड़ लिया गया था।
झूंसी इलाके में कब कब दिखा तेंदुआ
- अगस्त 2025 में मलखानपुर धनैचा हनुमानगंज में पहली बार तेंदुआ दिखाई दिया।
- 11 अगस्त 2025 सुदनीपुर, हनुमानगंज तेंदुआ गांव में घुसा और बकरी के बच्चे पर हमला किया।
- अगस्त–सितंबर 2025 में धनैचा में एक ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद पर पंजे से हमला किया।
- अगस्त–सितंबर 2025 लीलापुर में ग्रामीणों ने तेंदुए को देखे जाने की सूचना दी।
- अगस्त–सितंबर 2025 सुदनीपुर कला में बकरी का शिकार किया गया, तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
- अगस्त–सितंबर 2025 देवकली में तेंदुआ देखे जाने की सूचना।
- अगस्त–सितंबर 2025 चौरा बढेरा (सैदाबाद) में तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली।
- अगस्त–सितंबर 2025 गनेशीपुर (हंडिया) में ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने का दावा किया।
- आठ सितंबर 2025 जमुनीपुर, हनुमानगंज में धान के खेत में छिपे तेंदुए ने तारा बिंद सहित कई ग्रामीणों पर हमला किया, एक व्यक्ति घायल हुआ।
- 11–13 अक्तूबर 2025 को झूंसी स्थित एचआरआई परिसर में कई बार तेंदुआ दिखाई दिया, वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन चलाया।
- आठ जनवरी 2026 को झूंसी के छिबैयां में तेंदुआ एक घर में घुस गया, दो लोग घायल हुए, लगभग 10 घंटे के अभियान के बाद पकड़ा गया।