Prayagraj: मार्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, इविवि के पास छोटे बेटे ने दिया घटना को अंजाम
कर्नलगंज के विश्वविद्यालय पुलिस चौकी से 50 मीटर की दूरी पर शनिवार सुबह सरेआम पिता रामदुलारे कोरी (70) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सबसे छोटे बेटे अखिलेश उर्फ शिवा उर्फ शीबू अपने दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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कर्नलगंज के विश्वविद्यालय पुलिस चौकी से 50 मीटर की दूरी पर शनिवार सुबह सरेआम पिता रामदुलारे कोरी (70) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सबसे छोटे बेटे अखिलेश उर्फ शिवा उर्फ शीबू अपने दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पिता के सीने में तमंचा सटाकर गोली मार रहे बेटे की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पिता को भरण-पोषण का खर्च देने से बचने के लिए हत्या की वजह सामने आई है।
घटना के बाद से मृतक रामदुलारे की पत्नी कलावती, चार बेटे और एक बेटी के फरार होने से पुलिस को इन सभी पर शक गहरा गया है। बहरहाल कर्नलगंज पुलिस ने बेटे जितेंद्र की शिकायत पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली है। शिवकुटी के लाला की सराय निवासी रामदुलार पिछले करीब ढाई साल से नैनी स्थित एक वृद्धाआश्रम में रहते थे। घर में उनकी पत्नी कलावती अपने छह बेटे राजकुमार, जितेंद्र, शलैंद्र, सुरेंद्र, वीरेंद्र, अखिलेश और एक बेटी ललिता के रहती हैं। जबकि बड़ी बेटी नीलम की शादी हो चुकी है। शुक्रवार शाम रामदुलारे नैनी से अपने घर आए थे।
अगली सुबह करीब 6:15 बजे वह बेटे जितेंद्र को कहकर निकले की शाम को वापस घर आ जाऊंगा। सुबह सात बजे जैसे ही वह विश्वविद्यालय पुलिस चौकी से चंद दूर लल्ला चुंगी चौराहे पर पहुंचे तो बाइक सवार बदमाश ने उन्हें गोली मार दी। हैरानी की बात है कि गोली चलने की आवाज किसी को सुनाई तक नहीं दी। जैसे ही वह बीच सड़क पर गिरे तो आसपास के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। एसआरएन में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि रामदुलारे को गोली मारी गई है, उनके सीने में एक गोली फंसी है। पुलिस ने आधार कार्ड से मृतक की पहचान कर मामले की सूचना परिजनों को दी।
घटनास्थल पर लगे कैमरे में फुटेज पूरी पोल खुल गई। 25 सेकंड के वीडियो में दिख रहा कि रामदुलारे छड़ी के सहारे पैदल लल्ला चुंगी चौराहे की तरफ आ रहे हैं। इसी बीच बाइक सवार दो युवक आए एक ने सफेद तो दूसरे ने लाल रंग की शर्ट पहनी थी। इनमें से मुंह पर गमछा बांधे पीछे बैठा युवक बाइक से उतरकर रामदुलारे के पास गया और सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। घटना के बाद आरोपी साथी संग बाइक पर बैठकर तेलियरगंज की ओर फरार हो गया। पुलिस ने परिजनों को फुटेज दिखाई तो आरोपी बेटे अखिलेश की पहचान हो गई।
पत्नी, चार बेटे व बेटी फरार, सभी के मोबाइल बंद
कर्नलगंज पुलिस मृतक रामदुलारे के घर पहुंची तो उनकी पत्नी कलावती, बेटा राजकुमार, सुरेंद्र, वीरेंद्र, अखिलेश और एक बेटी ललिता फरार थी। घर में सिर्फ जितेंद्र मिला था। पूछताछ करने पर पता चला कि सभी वारदात के बाद से फरार है। पुलिस ने उन सभी के मोबाइल पर फोन लगाया तो नंबर बंद था। पुलिस की टीमें इन सभी को लोकेशन पता कर इनकी गिरफ्तारी में जुटी हुई है। पुलिस को आशंका है कि हत्या में बेटे अखिलेश के अलावा अन्य की भूमिका हो सकती है। बहरहाल पुलिस शैलेंद्र और जितेंद्र से पूछताछ कर रही है।
40-40 हजार आर्थिक सहायता देने का कोर्ट ने सुनाया था फैसला
बेटे जितेंद्र ने बताया कि पिता अपनी पत्नी और बेटों के साथ विवाद के कारण वह वृद्धाआश्रम में रहते थे। उन्होंने अपने भरण-पोषण के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किया था। तीन दिन पहले ही जिला न्यायालय ने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए परिवार के बेटों को पिता के भरण-पोषण के लिए सभी से 40-40 हजार आर्थिक सहायता व प्रत्येक माह 800-800 रुपये देने का फैसला सुनाया है। पुलिस को आशंका है कि अदालत के इसी फैसले से परिवार के कुछ सदस्य नाराज थे और इसी के बाद हत्या की साजिश रची गई।
तीन टीमें आरोपियों की तलाश में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर घटना की पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास कर रही है। वहीं, आरोपी अखिलेश के साथी की भी पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
प्रारंभिक जांच में बेटे अखिलेश ने अपने ही पिता रामदुलारे की गोली मारकर हत्या की है। जिला न्यायालय में भरण-पोषण का वाद चल रहा था। अदालत के फैसले से नाराज होकर हत्या करने का शक है। मामले मे हर पहलुओं पर जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - विमल किशोर मिश्रा, एसीपी, कर्नलगंज