{"_id":"5e25416a8ebc3e4b2427b60f","slug":"terrorist-jalis-dr-bomb-wanted-to-escape-to-nepal-via-bareilly","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आतंकी डॉ. बम को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, एटीएस की टीम हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकी डॉ. बम को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, एटीएस की टीम हैरान
Mon, 20 Jan 2020 11:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 20 Jan 2020 11:28 AM IST
विज्ञापन
dr jalees ansari
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संत कबीरनगर निवासी आतंकी जलीस उर्फ डॉ. बम बरेली के रास्ते नेपाल भागना चाहता था, लेकिन कानपुर में ही एटीएस ने उसे धर दबोचा। एटीएस को शक है कि वह नेपाल में रहकर यूपी में आतंकी हमले कराने की योजना बना रहा था। इसके लिए वह लखीमपुर, पीलीभीत और बहराइच के अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाला था।
डॉ. बम से हुई पूछताछ
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल से सटा यूपी का इलाका अपराधियों का गढ़ माना जाता है। मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर हत्या, लूट को अंजाम देने वाले गैंग छिपने के लिए यहीं ठिकाने बनाते हैं। पुलिस के पहुंचने पर अपराधी आसानी से सीमा पार कर नेपाल भाग जाते हैं।
dr jalees ansari
- फोटो : अमर उजाला
बरेली और आसपास के जिलों से पिछले दिनों लखनऊ के कमलेश तिवारी हत्याकांड, नेपाल से हो रही टेरर फंडिंग के तार भी जुड़े निकले थे। अब डॉ. बम के नेपाल भागने के प्लान में भी बरेली कनेक्शन मिलने से एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
dr jalees ansari
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 70 वर्षीय डॉ. बम पिछले दिनों पेरोल पर छूटा था। उसकी पेरोल खत्म होने वाली थी। इससे पहले ही वह 16 जनवरी को फरार हो गया। बेटे ने खुद को बचाने के लिहाज से उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने को थाने में तहरीर दी तो पुलिस और एजेंसियां सक्रिय हो गईं। उसका डोजियर पहले ही बना हुआ था, लिहाजा उसे पकड़ने में दिक्कत नहीं हुई।
विज्ञापन
इसी मस्जिद में गया था आतंकी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, कानपुर में आतंकी जलीस अंसारी उर्फ डॉ. बम के फेथफुलगंज से पकड़े जाने के बाद यहां के लोगों का सुकून उड़ गया। लोग इस संबंध में बात करने से कतरा रहे हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों ने हिदायत दे रखी है कि क्षेत्र में यहां आने वाले हर अंजान व्यक्ति पर निगाह रखी जाए। मस्जिद कमेटियों ने अंजान व्यक्तियों के रुकने और तकरीर करने पर रोक लगा दी है। मस्जिदों में आने वालों पर निगाह रखी जा रही है। शनिवार को जब फेथफुलगंज पहुंचकर जायजा लिया गया, तो पूरा माहौल बदला हुआ नजर आया।