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'अखिलेश शैशवावस्था में हैं, मुलायम पुत्र मोह में धृतराष्ट्र, समेत अमर सिंह के 10 बडे़ बयान
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 15 Sep 2018 08:13 AM IST
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अमर सिंह
- फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा कि राष्ट्रवाद पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय और समाजवादी चिंतक राममनोहर लोहिया के विचार समान थे। अखंड भारत, राम और रामायण के प्रति आस्था और धारा 370 को हटाने और कांग्रेस के आपातकाल पर डॉ. लोहिया और उपाध्याय की सोच समान थी। इमरजेंसी में संघ और समाजवादी एक साथ थे। अखिलेश यादव अभी शैशवावस्था में हैं। लोहिया पार्क बनाने के बजाय लोहिया के विचारों को समझें और अपने पिता मुलायम सिंह यादव से इस बारे में पूछें। अमर सिंह शुक्रवार को कानपुर के मर्चेंट चैंबर हॉल में दीन दयाल उपाध्याय की जीवन पर आधारित एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
अमर सिंह
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया हर वर्ष रामायण मेला लगाते थे। वह संघ के नेताओं से कहते थे, राम की जगह सियाराम कहा करें। चित्रकूट में नानाजी देशमुख के आश्रम का नाम भी सियाराम आश्रम इसीलिए रखा था। उनके आवास पर वह स्वयं और मुलायम सिंह रुक चुके हैं। चित्रकूट में समाजवादी कार्यकर्ता सम्मेलन में नानाजी देशमुख के कार्यकर्ता सक्रिय थे।
राज्यसभा सांसद अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उन्होने कहा कि नानाजी से वह बचपन से उनसे मिलते रहे लेकिन उनको समझे नहीं यह उनका दुर्भाग्य है। अब उनके विचारों को समझने के लिए पढ़ रहा हूं। अमर सिंह ने कहा कि केरल के पद्मनाभन मंदिर में उत्तर भारत और बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर में दक्षिण भारत के लोग आते हैं। हिंदुत्व ही देश और समाज को जोड़ता है। राष्ट्रवाद जरूरी है लेकिन अंतर्राष्ट्रीयवाद खतरा है।
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राज्यसभा सांसद अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम के बाद में भाजपा में शामिल होने के पत्रकारों के सवाल पर कहा कि यह सवाल उनसे सिर्फ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पूछ सकते हैं। देश में 20 राज्यों में भाजपा की सरकार है और उनसे जुड़े रहने वाला हर शख्स भाजपा का सदस्य नहीं है। कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए मोदी से वे कभी नहीं मिले हैं लेकिन यह उनका बड़प्पन है कि उन्होंने मेरा नाम लिया। बताया कि उन्होंने शिवपाल सिंह यादव से भाजपा से जुड़ने को कहा था लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
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राज्यसभा सांसद अमर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अमर सिंह ने कहा कि भतीजे अखिलेश के लिए पता नहीं उनका प्रेम कब फिर से उमड़ पड़े। यादव परिवार में शिवपाल सबसे अच्छे इंसान हैं। उन्होंने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाया है और मुलायम सिंह यादव को आदर्श मानते हैं। जबकि मुलायम सिंह पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बने हुए हैं। उनका अब मुलायम और शिवपाल से भी कोई नाता नहीं है और न मिलता हूं और न ही फोन पर बात करता हूं।