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बिकरू कांड में एक अधिकारी की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल, बोला विकास के एनकाउंटर के बाद मैं बहुत रोया था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 12 Nov 2020 11:32 PM IST
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विकास दुबे कानपुर : विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
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बिकरू कांड में विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद कॉल रिकॉर्डिंग वॉयरल होने सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिकरू कांड में एक के बाद एक कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हो रही हैं। बुधवार को कानपुर देहात के एक ग्राम पंचायत अधिकारी की एक शख्स से बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल हो गई।
विकास दुबे कानपुर : कार पलटने के बाद हुआ था विकास का एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
ग्राम पंचायत अधिकारी कह रहे हैं कि विकास दुबे के एनकाउंटर से वो बहुत दुखी थे। उस दिन बहुत रोए थे। हमारी यारी ऐसी है कि अगर परतें खुल जाएं तो हम भी जेल चले जाएंगे। सबसे पहले ग्राम पंचायत अधिकारी कहता है कि क्यों मारा गया विकास दुबे? एक्सट्रा बुद्धिमानी में। नहीं तो उसका कोई जोड़ नहीं था।
विकास दुबे कानपुर : विकास को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था
- फोटो : अमर उजाला
वो मेरा परम मित्र, मेरा परम लंगोटिया मित्र, मेरा भाई था। वो बहुत चाहता था मुझे। जिस दिन कांड हुआ उसके दो दिन पहले मेरी उसकी बात हुई थी। मैंने यही बात कही थी कि भाई अती मत धरो। तब उसने कहा था कि अरे मैं ये कर दूंगा वो कर दूंगा। तब मैंने कहा था कि ये आपका तरीका गलत है।
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विकास दुबे कानपुर : विकास दुबे ने अपने साथियों संग मिलकर 8 पुलिस वालों की हत्या की थी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस, लेखपाल, तहसीलदार, बीडीओ जाते थे लंगर में
ग्राम पंचायत अधिकारी ने कहा कि विकास दुबे के घर लंगर चलता था। हर दिन सैकड़ों लोग खाना खाने जाते थे। केवल चौबेपुर ही नहीं शहर के अन्य थानों के तमाम पुलिस वाले, तहसीलदार, लेखपाल, बीडीओ तक खाना खाने जाते थे।
ग्राम पंचायत अधिकारी ने कहा कि विकास दुबे के घर लंगर चलता था। हर दिन सैकड़ों लोग खाना खाने जाते थे। केवल चौबेपुर ही नहीं शहर के अन्य थानों के तमाम पुलिस वाले, तहसीलदार, लेखपाल, बीडीओ तक खाना खाने जाते थे।
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विकास दुबे कानपुर : विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।