सब्सक्राइब करें

UP में 'मौत' का पुल: रेत, खराब सीमेंट और टूटे पिलर ने खड़े किए सवाल, गार्ड का बड़ा दावा; छह की मौत पर नया मोड़

अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 31 May 2026 03:00 PM IST
सार

हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह लोगों की मौत के बाद जांच में नया मोड़ आ गया है। छह मौतों के बाद निर्माण सामग्री से लेकर निगरानी व्यवस्था तक सब जांच के घेरे में है। तवा की रेत, खराब सीमेंट और टूटे पिलर ने सवाल खड़े किए हैं।

विज्ञापन
Hamirpur bridge collapse Sand, substandard cement, and broken pillars have raised questions
Hamirpur bridge collapse - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह लोगों की मौत के बाद जांच का दायरा अब केवल आंधी-तूफान तक सीमित नहीं रह गया है। दूसरे दिन निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, निगरानी व्यवस्था और निर्माण प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। घटनास्थल की पड़ताल, प्रत्यक्षदर्शी गार्ड के आरोप और कंपनी के स्टोर यार्ड की स्थिति ने मामले को और गंभीर बना दिया है।


शनिवार को हमारी टीम ने हादसे वाले स्थल और निर्माण कंपनी के स्टोर यार्ड का निरीक्षण किया। घटनास्थल पर ढहा हुआ कंक्रीट ढांचा, कई जगहों से बाहर निकली सरिया, क्षतिग्रस्त लॉन्चिंग गैंट्री और टूटे पिलर दिखाई दिए। जिस हिस्से के नीचे दबकर छह मजदूरों और कर्मचारियों की मौत हुई थी वहां अब भी भारी मलबा और टूटी संरचना मौजूद है।
Hamirpur bridge collapse Sand, substandard cement, and broken pillars have raised questions
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy - फोटो : amar ujala
स्थानीय लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा टूटे पिलर को लेकर रही। लोगों का कहना है कि तकनीकी जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संरचना का कौन सा हिस्सा पहले कमजोर हुआ और इतनी बड़ी विफलता कैसे हुई।
Trending Videos
Hamirpur bridge collapse Sand, substandard cement, and broken pillars have raised questions
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy - फोटो : amar ujala
आरोप : निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच की जानकारी नहीं दी जाती थी
हादसे में बचे गार्ड अवधपाल ने निर्माण कार्य को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह लंबे समय से साइट पर तैनात थे और उनके सामने ही काम चलता रहा। उन्होंने दावा किया कि बेतवा नदी से निकाली गई रेत का इस्तेमाल निर्माण में किया जा रहा था। अवधपाल के अनुसार मजदूरों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच की कोई जानकारी नहीं दी जाती थी। उन्होंने मांग की कि रेत, सीमेंट और अन्य सामग्री की स्वतंत्र तकनीकी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Hamirpur bridge collapse Sand, substandard cement, and broken pillars have raised questions
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy - फोटो : amar ujala
गार्ड ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में तेजी के दबाव में काम कराया जा रहा था। उनके अनुसार इंजीनियर राजू और पवन समय से पहले काम पूरा कराने में लगे थे और खराब मौसम के बावजूद निर्माण जारी रहा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच का विषय है।
विज्ञापन
Hamirpur bridge collapse Sand, substandard cement, and broken pillars have raised questions
Hamirpur Betwa Bridge Tragedy - फोटो : amar ujala
जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी हादसे की वजह : एडीजी
बेतवा नदी पुल हादसे की सूचना मिलने पर शुक्रवार को एडीजी प्रयागराज ज्योति नारायन डीआईजी बांदा के साथ घटनास्थल पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों से घटना की जानकारी लेकर निर्माणाधीन पुल का जायजा लिया।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed