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बीच सड़क लगा लाशों का ढेर: कोई मायके जाने को निकला तो कोई दवा लेने... मौत ने चीखने तक का मौका न दिया; तस्वीरें
अमर उजाला नेटवर्क, हरदोई
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 07 Nov 2024 12:17 PM IST
सार
हरदोई में भीषण सड़क हादसा हुआ। ऑटो पलटने से 11 लोगों की मौत हो गई। दर्दनाक सड़क हादसे से चीत्कार मच गई। ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं।
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Hardoi Accident
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई के बिल्हौर-कटरा राज्य राजमार्ग पर बुधवार दोपहर में हुआ हादसा इतना भीषण था कि ऑटो सवार ज्यादातर लोगों को चीखने का भी मौका नहीं मिला। ऑटो पलटा और दबकर 11 लोगों की जान चली गई। इनमें से सात लोगों की मौत मौके पर ही हो गई। मरने वाले सभी ऑटो में सवार थे। कोई अपने करीबी की मौत की सूचना पर दुख व्यक्त कर घर जा रहा था तो कोई महिला मायके जा रही थी। एक परिवार का इकलौता बेटा दवा लेने के लिए निकला था, लेकिन मौत ने रास्ते में ही दबोच लिया।
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- फोटो : अमर उजाला
इकलौते बेटे की मौत से बदहवास हो गए माता-पिता
माधौगंज कस्बे के पटेल नगर पूर्वी निवासी सत्यम कुशवाहा (20) बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता पप्पू पुताई का काम करते हैं, जबकि मां ज्ञानवती आशा कार्यकर्ता हैं। सत्यम माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसे दो दिन से बुखार आ रहा था। राहत न मिलने पर वह दवा लेने के लिए हरदोई जा रहा था। ऑटो से बिलग्राम में उतरकर उसे हरदोई के लिए बस लेनी थी। बिलग्राम पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। मां ज्ञानवती और पिता पप्पू शव देखकर बदहवास हो गए।
माधौगंज कस्बे के पटेल नगर पूर्वी निवासी सत्यम कुशवाहा (20) बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता पप्पू पुताई का काम करते हैं, जबकि मां ज्ञानवती आशा कार्यकर्ता हैं। सत्यम माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसे दो दिन से बुखार आ रहा था। राहत न मिलने पर वह दवा लेने के लिए हरदोई जा रहा था। ऑटो से बिलग्राम में उतरकर उसे हरदोई के लिए बस लेनी थी। बिलग्राम पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। मां ज्ञानवती और पिता पप्पू शव देखकर बदहवास हो गए।
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- फोटो : अमर उजाला
मां-बेटी को हरदोई से बरेली जाने के लिए पकड़नी थी ट्रेन
दुर्घटना में जान गंवाने वाली पटियनपुरवा निवासी सुनीता और उनकी बेटी आशी का इंतजार बरेली में हो रहा था। वह दोनों तो नहीं पहुंचे, लेकिन उनकी मौत की जानकारी पहुंच गई। दरअसल, सुनीता का मायका बरेली में है। भैयादूज पर सुनीता घर नहीं जा पाई थी। बुधवार को वह बेटी आशी के साथ बरेली जाने के लिए निकली थी। माधौगंज से ऑटो में सवार होकर बिलग्राम जा रही थी। बिलग्राम से हरदोई बस से और फिर हरदोई से ट्रेन से बरेली जाना था। सुनीता का पति आलोक खेती करते हैं। एक पुत्र उमंग (15) विद्यार्थी है।
दुर्घटना में जान गंवाने वाली पटियनपुरवा निवासी सुनीता और उनकी बेटी आशी का इंतजार बरेली में हो रहा था। वह दोनों तो नहीं पहुंचे, लेकिन उनकी मौत की जानकारी पहुंच गई। दरअसल, सुनीता का मायका बरेली में है। भैयादूज पर सुनीता घर नहीं जा पाई थी। बुधवार को वह बेटी आशी के साथ बरेली जाने के लिए निकली थी। माधौगंज से ऑटो में सवार होकर बिलग्राम जा रही थी। बिलग्राम से हरदोई बस से और फिर हरदोई से ट्रेन से बरेली जाना था। सुनीता का पति आलोक खेती करते हैं। एक पुत्र उमंग (15) विद्यार्थी है।
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- फोटो : अमर उजाला
शोक जताने गई थीं, घर न पहुंच सकीं सगी बहनों समेत तीन महिलाएं
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के इटौली गांव निवासी नीलम (60) का ननिहाल मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के महनेपुर गांव में है। नीलम के ममेरे भाई की मौत मंगलवार को हो गई थी। दुख जताने के लिए नीलम अपने भतीजे राकेश की पत्नी राधा और राधा की बहन अल्लीगढ़ निवासी निर्मला के साथ महनेपुर गई थीं। बुधवार की सुबह नीलम के देवर गोकरन ने उसे राधा और निर्मला के साथ महनेपुर मोड़ से बिलग्राम जाने के लिए ऑटो पर बैठाया था। गोकरन ने गांव पहुंचकर मिलने की बात कही थी, लेकिन निर्मला, नीलम और राधा का यह आखिरी सफर हो गया।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के इटौली गांव निवासी नीलम (60) का ननिहाल मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के महनेपुर गांव में है। नीलम के ममेरे भाई की मौत मंगलवार को हो गई थी। दुख जताने के लिए नीलम अपने भतीजे राकेश की पत्नी राधा और राधा की बहन अल्लीगढ़ निवासी निर्मला के साथ महनेपुर गई थीं। बुधवार की सुबह नीलम के देवर गोकरन ने उसे राधा और निर्मला के साथ महनेपुर मोड़ से बिलग्राम जाने के लिए ऑटो पर बैठाया था। गोकरन ने गांव पहुंचकर मिलने की बात कही थी, लेकिन निर्मला, नीलम और राधा का यह आखिरी सफर हो गया।
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विमलेश की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
त्योहार रोशन करने आया था विमलेश, अंधेरा कर गया
सुरसा थाना क्षेत्र के सर्रा सथरा निवासी विमलेश (17) मेरठ में रहकर प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। दीपावली पर वह घर आया था। त्योहार पर उसने खूब रोशनी की। मंगलवार को वह अपनी बुआ के बेटे संजय के घर माधौगंज थाना क्षेत्र के पहुंतेरा गांव गया था। यहां से संजय अपने पारिवारिक भतीजे आनंद और मामा के बेटे विमलेश के साथ बिलग्राम जाने के लिए बुधवार सुबह ऑटो लेकर निकला था। हादसे में आनंद और संजय घायल हो गए, जबकि विमलेश की मौत हो गई। विमलेश तीन भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था।
सुरसा थाना क्षेत्र के सर्रा सथरा निवासी विमलेश (17) मेरठ में रहकर प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। दीपावली पर वह घर आया था। त्योहार पर उसने खूब रोशनी की। मंगलवार को वह अपनी बुआ के बेटे संजय के घर माधौगंज थाना क्षेत्र के पहुंतेरा गांव गया था। यहां से संजय अपने पारिवारिक भतीजे आनंद और मामा के बेटे विमलेश के साथ बिलग्राम जाने के लिए बुधवार सुबह ऑटो लेकर निकला था। हादसे में आनंद और संजय घायल हो गए, जबकि विमलेश की मौत हो गई। विमलेश तीन भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था।