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मौरंग खनन माफियाओं की रहनुमा बन चुकी थीं आईएएस बी. चंद्रकला, जांच में परत दर परत हो रहे खुलासे
Thu, 05 Dec 2019 12:37 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 05 Dec 2019 12:37 AM IST
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आईएएस बी. चंद्रकला
- फोटो : अमर उजाला
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अवैधानिक तरीके से किए गए खनन पट्टों को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी बी चंद्रकला जांच के घेरे में हैं। अवैध खनन मामले में सीबीआइ सूचना विभाग के दफ्तर तक पहुंच गई है। टीम ने खनन पट्टे के टेंडर संबंधी विज्ञापन की जानकारी लेने के साथ बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर खनन और वन विभाग में तैनात रहे तत्कालीन अफसरों की सूची ली है।
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हमीरपुर में सीबीआइ अधिकारियों ने जिला सूचना अधिकारी को कैंप कार्यालय बुला कर भी पूछताछ की है। सीबीआई द्वारा गहराई से जांच शुरू करने से मौरंग माफियाओं में हड़कंप मचा है।
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सिंडीकेट के नाम पर हुई अंधाधुंध लूट
हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन का कारोबार 10 सालों में जमकर हुआ है। इस बीच बसपा और सपा सरकार से जुड़े ज्यादातर नेताओं का नाम कहीं न कहीं मौरंग के धंधे से जुड़ा सामने आया है। अधिकारियों की शह पर खनन का काम बेहिसाब चला। बसपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल सपा सरकार तक जारी रहा है। इस धंधे में शामिल मौरंग माफिया अरबपति बन बैठे।
हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन का कारोबार 10 सालों में जमकर हुआ है। इस बीच बसपा और सपा सरकार से जुड़े ज्यादातर नेताओं का नाम कहीं न कहीं मौरंग के धंधे से जुड़ा सामने आया है। अधिकारियों की शह पर खनन का काम बेहिसाब चला। बसपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल सपा सरकार तक जारी रहा है। इस धंधे में शामिल मौरंग माफिया अरबपति बन बैठे।
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सीबीआई बेतवा नदी पर हुए अवैध खनन के साथ किए गए मौरंग भंडारन की जांच भी 2017 में कर चुकी है। साथ ही मोराकांदर की खदानों की पड़ताल कर वीडियोग्राफी भी करवाई थी। जिले में मौरंग का खनन बेतवा, केन व धसान नदियों किया गया है। इन नदियों पर मौरंग खनन होने से नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। 31 मई 2012 के बाद 49 खनन पट्टों की स्वीकृति मनमानी तरीके से दी गई।
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तब तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला ने दो जुलाई 2012 को जिले का चार्ज लिया और करीब ढाई साल तक रहीं। उसी दौरान उन्होंने सर्वाधिक पट्टे जारी किए। हालांकि कुछ अन्य जिलाधिकारियों ने नियम विरुद्ध खनन पट्टे किए। तब सपा एमएलसी रमेशचंद्र मिश्रा के परिवार के नाम सर्वाधिक पट्टे हुए।