कोरोना की दूसरी लहर में डॉ. सुशील कुमार कोविड की चपेट में आ गया था। वह कोविड से उबर तो गया लेकिन पोस्ट कोविड स्थिति में अवसाद ने उसे जकड़ लिया। रामा मेडिकल विश्वविद्यालय में उसके साथ काम करने वालों का कहना है कि कोविड के बाद डॉ. सुशील ने मिलना-जुलना और बोलना कम कर दिया था।
डिप्रेशन में हैवान बना धरती का भगवान: डॉक्टर को दूसरी लहर में हुआ था कोरोना, पत्नी बच्चों को उतारा था मौत के घाट
कोरोना की दूसरी लहर के बाद डॉक्टर को हुआ अवसाद
उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में इतनी मौतें हुईं कि वह घबराने लगा था। कोविड में उसके साथ रहे सहकर्मी ने बताया कि रामा के एक डॉक्टर दो महीने पहले उससे मिले थे। जब डॉ. सुशील के बारे में पूछा तो बताया कि वह आजकल डिप्रेशन में है। रामा मेडिकल विवि के निदेशक प्रणव सिंह का कहना है कि पता तो यही लग रहा है कि कोविड के बाद वह डिप्रेशन में है लेकिन रामा में इलाज नहीं करा रहा था।
अभीतक नहीं लगा हत्यारे डॉक्टर का कोई सुराग
कानपुर में कल्याणपुर के डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट में पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर भागे डॉक्टर सुशील कुमार का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा। डॉक्टर के गंगा में छलांग लगाने की आशंका से पुलिस ने गंगा में भी सर्च ऑपरेशन चलवाया। सर्विलांस व क्राइम ब्रांच समेत आधा दर्जन पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
पत्नी और बच्चों की हत्या कर भाई को भेजा था आखिरी मैसेज
डॉक्टर के मोबाइल नंबर की सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) से पता चला कि उसने जब शुक्रवार शाम को भाई को हत्या करने का मैसेज भेजा था, तब वह अटल घाट पर था। करीब पौने दो घंटे बाद उसकी आखिरी लोकेशन सरसैया घाट पर मिली। यहां पर उसका मोबाइल बंद हो गया। डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 501 में रहने वाला डॉ. सुशील कुमार शुक्रवार को अपनी पत्नी चंद्रप्रभा, बेटे शिखर और बेटी खुशी की हत्या कर फरार हो गया था।
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से ज्यादा डिप्रेशन में था डाॅक्टर
बताया जा रहा कि डॉक्टर लंबे समय से अवसाद में था। फ्लैट से बरामद डायरी में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से डिप्रेशन में होने की बात लिखी थी। पुलिस ने सुनील की तहरीर पर सुशील के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। हालांकि अभी तक उसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं मिली है।
