कानपुर के कल्याणपुर स्थित डिविनटी होम्स अपार्टमेंट में डॉक्टर ने अपने नोट में डिप्रेशन में आकर पत्नी और बच्चों की हत्या करने की बात लिखी है लेकिन उसकी बड़ी बहन ने इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने भांजे की शादी में जाने को लेकर डॉक्टर और उनकी पत्नी के बीच हुए विवाद की वजह से हत्या की आशंका जताई है। हरदोई में निवासी डॉ. सुशील की बहन शारदा देवी ने बताया कि 10 दिसंबर को दिल्ली के पटपड़गंज में रहने वाली बहन गीता देवी के बेटे की शादी है। सुशील की बेटी खुशी की 10वीं की परीक्षाएं और बेटे शिखर की क्लैट की परीक्षा आने वाली थी। इसके चलते भाभी चंद्रप्रभा शादी में नहीं जाना चाहती थीं। इस पर सुशील ने पहले अपना और बेटे का रिजर्वेशन कराया था। चंद्रप्रभा ने विरोध जताया तो कुछ दिन पहले बेटे का टिकट निरस्त करा दिया था। हालांकि अपना टिकट नहीं निरस्त कराया था। इसको लेकर चंद्रप्रभा का सुशील से विवाद हुआ था।
कानपुर ट्रिपल मर्डर: डॉक्टर की बहन बच्चों का शव देख फफक कर रोई, कहा- काश! भाभी के बुलाने पर आ जाती
कोविड से न डरने की सलाह देने वाला कैसे जा सकता है डिप्रेशन में
डॉ. सुशील के नोट को देखकर आशंका जताई जा रही है कि कोरोना को लेकर वह डिप्रेशन में से और बीमार पड़ गए थे। डॉ. सुशील रामा कोविड हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी भी थे। ऐसे में डिप्रेशन की वजह से इतनी वीभत्स घटना को अंजाम देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
पत्र में बीमारियां गिनाकर क्या जताना चाहता था
पुलिस के अनुसार डॉक्टर का लिखा पत्र किसी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। खुद को डिप्रेशन में बताने के लिए डॉक्टर ने पत्र में कुछ बीमारियों के नाम भी गिनाए, जिसमें ‘कोविड रिलेटेड डिप्रेशन’, ‘फोबिया’, ‘मेजर डिप्रेसिव डिसॉर्डर’, ‘मैलिग्नेंट डिप्रेशन’ आदि हैं। इतनी बीमारियों के जिक्र करने से प्रतीत होता है, जैसे वह चाहता था कि पुलिस यकीन करे कि वह वाकई डिप्रेशन में है। हालांकि पुलिस डॉक्टर के न मिलने तक इसे एक सोची समझी साजिश का हिस्सा मानकर ही जांच कर रही है।
काश! भाभी के बुलाने पर आ जाती
शारदा देवी ने बताया कि सुशील हमेशा जल्दबाजी में रहता था। फोन पर ठीक से बात नहीं करता था, इसलिए वो भी उससे ज्यादा बातचीत नहीं कर पाती थी। वहीं, चंद्रप्रभा अक्सर घर आने का निमंत्रण देती थीं। पांच सालों में कभी मौका नहीं मिला। शनिवार को वह भाभी व बच्चों के शव देखकर फफक पड़ीं। बोलीं ‘मुझसे बहुत बड़ी गलती हुई है। काश! भाभी के बुलाने पर घर आ गई होती तो शायद सभी जिंदा होते।
जुड़वां भाइयों में थी एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़
शारदा देवी के अनुसार सुशील और सुनील जुड़वां भाई हैं। सुनील सुशील से पांच मिनट बड़ा है। दोनों भाइयों में बचपन से ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ लगी रहती थी। पढ़ाई के वक्त सुनील ने आईआईटी की तैयारी की और सुशील ने मेडिकल की तैयारी की थी। सुशील का मेडिकल में सेलेक्शन हो गया और सुनील का आईआईटी में सेलेक्शन नहीं हो पाया था। इस पर सुनील ने भी मेडिकल करने की ठानी। दोबारा बायोलॉजी से इंटर पास करके मेडिकल की परीक्षा पास की। वह वर्तमान में रूरा सीएचसी प्रभारी है, जबकि सुशील ने ज्यादा कमाई के लिए मेडिकल कॉलेज की सरकारी नौकरी छोड़कर प्राइवेट कॉलेज में नौकरी शुरू कर दी थी।
