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पुरवा ने उमस बढ़ाई, खरबूजा, तरबूज की मिठास घटाई, रात का तापमान पहुंचा 30.2, औसत से सात डिग्री अधिक
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 07 Jun 2019 11:23 AM IST
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गर्मी के साथ अब बेचैन करने वाली उमस भी बढ़ी
- फोटो : अमर उजाला
पुरवा ने उमस भरी गर्मी बढ़ा दी है। तपिश के साथ नमी बढ़ने से बेचैनी और पसीना बहाने वाली गर्मी हो गई है। पुरवा की नमी की वजह से तरबूज और खरबूजा की मिठास कम हो गई है। इसके अलावा दक्षिणी-पूर्वी हवाओं की वजह से रात का तापमान बढ़ गया है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से सात डिग्री अधिक रहा। इससे रातों की नींद खराब हो रही है।
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गर्मी और तेज धूप से व्याकुल हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
अनुमान है कि इस सप्ताह हल्के बादल छाए रहेंगे। तापमान के उतार-चढ़ाव से लो प्रेशर भी बन सकता है। 8 और 9 जून को स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवाओं की दिशा में तेजी से बदलाव के कारण अधिक दिनों तक लू नहीं चली। लू का अधिक प्रभाव 30 मई तथा एक और दो जून को ही रहा है।
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भीषण गर्मी से राहत पाने को चेहरे पर पानी डालती युवती
- फोटो : अमर उजाला
जैसे ही पछुवा ने लू की स्थिति पैदा की और माहौल में नमी घटी, तभी पुरवा ने आकर नमी बढ़ा दी। इस वजह से लू ढंग से नहीं चली। लेकिन उमस भरी बेचैनी पैदा करने वाली गर्मी हो गई। सूखी गर्म हवाओं के न चलने के कारण जायद की फसलों में वाष्पीकरण ढंग से नहीं हो पाया। हवा में नमी रहने से फलों से वाष्पीकरण ढंग से नहीं हो पाता है।
गर्मी ने किया बेहाल
- फोटो : अमर उजाला
इसकी वजह से ग्लाइकोजेनिनस की प्रक्रिया बाधित होती है और तरबूज और खरबूजा में मिठास पैदा नहीं होती। फलों में मिनरल्स की मात्रा भी इसी से बढ़ती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के सीनियर रिसर्च फैलो डॉ. विजय दुबे ने बताया कि हवाओं के रुख बदलने से तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव रहा है।
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भीषण गर्मी के बीच मौसम ने बदला रूख हुई बारिश
- फोटो : अमर उजाला
जून में अधिकतम उछाल मार सकता पारा
इस महीने पारा अधिकतम उछाल मारा सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के दूसरे सप्ताह में पछुवा दो-तीन लगातार चली तो पारा 47 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है। लोगों को इस सीजन की सबसे अधिक गर्मी झेलनी पड़ सकती है। वर्ष 1998 में जून के दूसरे सप्ताह में पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 6 जून को रात का औसत सामान्य 23 डिग्री सेल्सियस होता है लेकिन गुरुवार को यह सात डिग्री अधिक रहा। अधिकतम तापमान औसत सामान्य तापमान 43 डिग्री से थोड़ा कम रहा।
इस महीने पारा अधिकतम उछाल मारा सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के दूसरे सप्ताह में पछुवा दो-तीन लगातार चली तो पारा 47 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है। लोगों को इस सीजन की सबसे अधिक गर्मी झेलनी पड़ सकती है। वर्ष 1998 में जून के दूसरे सप्ताह में पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 6 जून को रात का औसत सामान्य 23 डिग्री सेल्सियस होता है लेकिन गुरुवार को यह सात डिग्री अधिक रहा। अधिकतम तापमान औसत सामान्य तापमान 43 डिग्री से थोड़ा कम रहा।