मेरठ के भावनपुर में मिट्टी की ढांग गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। अपनों के शव देख परिजन बिलख पड़े। बार-बार बस यही कहते रहे कि मेरठ में परिवार के गुजर-बसर के लिए आए थे...यहां तो सबकुछ लुट गया। मोर्चरी पर सुबह से दोपहर तक परिजन रोते-बिलखते रहे। उनका रूदन देख हर किसी की आंख नम हो गई।
मिट्टी की ढांग गिरने से हादसा: शव देख बिलखते रहे परिजन, बोले- हमारा तो सब कुछ लुट गया
मृतक रामचंद्र (40) पुत्र मंगल गांव समदपुर, हलौर महराजगंज रायबरेली, गुरु प्रसाद (45) पुत्र श्रीराम निवासी समदपुर हलौर महराजगंज रायबरेली और रामप्रवेश (50) वर्षीय पुत्र वासुदेव निवासी ग्राम घोरपारन जमुई बिहार के परिजन सोमवार सुबह मोर्चरी पहुंचे।
रामचंद्र के भाई छिद्दा ने बताया कि परिवार में पत्नी राजकला, चार बेटी दीपा, जानवी, रागिनी, जानकी और एक बेटा अनुज हैं। अभी तक एक बेटी की शादी हुई है, बाकी चारों बच्चे छोटे हैं। पूरे परिवार की जिम्मेदारी रामचंद्र पर थी। भाई यह कहते हुए फफक पड़े कि अब परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा।
रामप्रवेश के भाई अनिल ने बताया कि परिवार में पत्नी सुनीता और दो बेटियां कल्पना, करिश्मा और एक बेटा रूपेश हैं। एक बेटी की शादी हुई है। दोनों बच्चों का पालन पोषण रामप्रवेश मजदूरी करके कर रहा था। गुरु प्रसाद के परिवार में पत्नी राजवती, चार बेटी शिवकांति, दिव्यांजलि, लाली और दो वर्षीय अंजलि हैं। परिवार से पत्नी राजवती अपनी दो साल की बेटी अंजलि और लाली के साथ मोर्चरी पहुंची।
राजवती के भाई राजकरण ने काफी देर तक ये नहीं बताया कि गुरु प्रसाद की मौत हो गई है। पत्नी को बता रखा था कि चोट लगने के कारण उपचार चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव को बाहर लाया गया तो पत्नी और बेटी को जानकारी हुई। दोनों रोकर बदहवास हो गईं। राजकरण ने बताया कि चार बेटियों की जिम्मेदारी गुरुप्रसाद पर ही थी। अब कैसे जीवन कटेगा। उनका रुदन देखकर हर कोई रो पड़ा। रिश्तेदारों ने बताया कि तीनों परिवार बेहद गरीब हैं। ऐसे में अब उनका गुजारा कैसे होगा।
दो-दो लाख के चेक भिजवाए
ठेकेदार की ओर से रखे दीपक ने रिश्तेदार के जरिए तीनों मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये के चेक भिजवाए। बिहार शव ले जाने के लिए एंबुलेंस के 35 हजार रुपये और रायबरेली शव ले जाने के लिए 15-15 हजार रुपये का भुगतान किया।
मुआवजे के लिए परिजनों ने किया हंगामा
मृतकों के परिजनों ने मुआवजा राशि और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। इस पर भावनपुर थाना प्रभारी अंडर ट्रेनी सीओ नितिन तनेजा ने श्रम विभाग के अधिकारियों से बात की। अधिकारियों ने मोर्चरी पहुंचकर मृतकों के परिवारों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी श्रम विभाग की तरफ से मुआवजा राशि बनेगी, वह परिवारों को दिलवाई जाएगी। अंडर ट्रेनी सीओ नितिन तनेजा ने हाथ जोड़कर परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजन एंबुलेंस से शवों को लेकर रवाना हो गए।

कमेंट
कमेंट X