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मुस्लिम नेताओं ने चंद्रशेखर को पहनाई नीली पगड़ी, लोकसभा चुनाव से पहले भीम आर्मी की रणनीति क्या?

Mon, 19 Nov 2018 09:14 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Updated Mon, 19 Nov 2018 09:14 PM IST
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Bijnor, muslim leaders welcomed Bhim Army chief Chandra Sekhar
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर सोमवार को बिजनौर पहुंचे, जहां मुस्लिम नेताओं ने नीली पगड़ी बांधकर उनका जोरदार स्वागत किया। उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, हाथी आदि की प्रतिमा दी गई। वहीं सिख समाज के लोगों ने तलवार देकर सम्मानित किया।

Bijnor, muslim leaders welcomed Bhim Army chief Chandra Sekhar
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की रैली के बाद उनकी, सियासी पार्टी बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ने के कयास लगने शुरू हो गए हैं। चंद्रशेखर ने अपनी रैली में इसके संकेत भी दिए। उन्होंने दलित, मुस्लिम व पिछड़े वर्ग की एकता पर जोर दिया। बिजनौर से अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाली मायावती ने भी दलितों व मुस्लिमों का गठजोड़ इसी तरह किया था। चंद्रशेखर ने भाजपा पर तो खुलेआम निशाना साधा, लेकिन बाकी दलों को भी क्लीनचिट नहीं दी। चंद्रशेखर की रैली पर बसपाइयों की भी नजर थी। रैली में उमड़ी युवाओं की भीड़ को देखकर बसपा नेताओं के होश उड़े रहे।

Bijnor, muslim leaders welcomed Bhim Army chief Chandra Sekhar
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

इंदिरा बाल भवन में हुई बहुजन समाज बनाओ रैली में चंद्रशेखर का पूरा बयान राजनीतिक पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने भाजपा पर खूब तंज कसे। दलित, मुस्लिम व ओबीसी गठजोड़ बनाने की कोशिश की। उन्होंने बहुजन समाज की सरकार बनाने के नाम पर बार-बार लोकसभा चुनाव में पार्टी के लड़ने के संकेत दिए। हर जिले से राजनीतिक पार्टियों से निष्कासित नेताओं के गुट भी उनके साथ आ रहे हैं। इनमें अधिकतर नेता बसपा में ही रह चुके हैं।

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Bijnor, muslim leaders welcomed Bhim Army chief Chandra Sekhar
चंद्रशेखर उर्फ रावण

वहीं चंद्रशेखर ने मंच से दलित व ओबीसी समाज के सभी महापुरुषों के नाम लिए। उन्होंने कांशीराम का कई बार अपने भाषण में जिक्र किया, लेकिन बसपा सुप्रीमो का नाम नहीं लिया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बिजनौर से ही की थी। वे बिजनौर लोकसभा सीट से 1989 में चुनाव लड़कर पहली बार सांसद बनी थीं। मायावती भी जिले में छोटी छोटी सभा कर दलित, मुस्लिम व ओबीसी वर्ग के नेताओं को जोड़ती थीं। चंद्रशेखर के मंच से भी यही सब देखने को मिला। चंद्रशेखर के कार्यक्रम की कमान मुस्लिम नेताओं को ही दी गई थी। चंद्रशेखर की रैली पर बसपा नेताओं को दूर रहने के लिए कहा गया था।

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Bijnor, muslim leaders welcomed Bhim Army chief Chandra Sekhar
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण

संघर्ष करने वालों की बदलती है किस्मत 

चंद्रशेखर ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि बिजनौर क्रांति की धरा है। यहां पर संघर्ष करने वालों की किस्मत बदल जाती है। कुछ लोग मान रहे हैं कि उनका इशारा मायावती की ओर था। मायावती के अलावा पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने भी अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बिजनौर से ही की थी।

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