{"_id":"6a5666b8894c36b93802f2f5","slug":"central-market-case-order-issued-to-demolish-44-structures-within-15-days-2026-07-14","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सेंट्रल मार्केट: 15 दिन में ध्वस्त करने होंगे 44 निर्माण, 1468 अवैध निर्माणों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंट्रल मार्केट: 15 दिन में ध्वस्त करने होंगे 44 निर्माण, 1468 अवैध निर्माणों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 14 Jul 2026 10:12 PM IST
सार
Meerut News: मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली। 15 दिन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। स्थानीय व्यापारियों व महिलाओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ रोष जताया।
विज्ञापन
1 of 6
मंगलवार को धरने पर बैठी महिलाओं से बात करते उनके वकील।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से व्यापारियों और आवंटियों को कोई राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने अवैध निर्माण पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि ऐसे निर्माण को न तो वैध घोषित किया जा सकता है और न ही कंपाउंडिंग के दायरे में लाया जा सकता है।
2 of 6
सूना पड़ा सेंट्रल मार्केट।
- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने आठ अप्रैल को आवास एवं विकास परिषद की ओर से सील की गईं 44 संपत्तियों (जिनमें पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं) को ध्वस्त करने के आदेश दिए। लोकेश खुराना बनाम राजेंद्र बड़जात्या की याचिका पर अधिवक्ताओं ने अल्प और दुर्बल आय वर्ग के मकानों के लिए रियायत की मांग की तो अदालत ने इस पर एतराज जताया।
3 of 6
दिन में भगवान से प्रार्थना करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खंडपीठ ने कहा कि अवैध निर्माण को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने सेटबैक के मामले में भी कोई राहत नहीं दी। आवंटियों को 15 दिन के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का समय दिया गया है। तय अवधि में कार्रवाई न होने पर परिषद ध्वस्तीकरण कर उसका खर्च संबंधित आवंटियों से वसूलेगी। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। इससे पहले परिषद को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
फैसला आने के चलते पुलिस भी तैनात रही।
- फोटो : अमर उजाला
आदेश के बाद मायूसी, भाजपा के खिलाफ नारेबाजी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्षेत्र में मायूसी छा गई। सेक्टर-2 में पिछले 89 दिनों से धरने पर बैठीं महिलाओं और व्यापारियों ने सुबह हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया। आदेश की जानकारी मिलते ही धरनारत महिलाओं की आंखें नम हो गईं और लोगों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। धरनारत महिलाओं का कहना है कि अल्प एवं दुर्बल आय वर्ग के छोटे मकानों में सेटबैक लागू होने पर पूरा भवन गिर सकता है। इससे आसपास के मकान भी प्रभावित होंगे।
विज्ञापन
5 of 6
धरनारत महिलाओं के लिए खाना बनाने आए हलवाई।
- फोटो : अमर उजाला
1468 अवैध निर्माणों पर भी मांगा जवाब
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने परिषद की ओर से प्रस्तुत 1468 अवैध निर्माणों की सूची पर भी संज्ञान लिया और प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद को सभी अवैध निर्माणों पर समान रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।