UP: उमर खालिद और खालिद सैफी के साथ पुलिस को हाथ लगीं आरोपी की तस्वीरें, संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू
छात्रा हत्याकांड मामला: मेरठ उपद्रव मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी सुशील गौतम की दिल्ली दंगा आरोपियों उमर खालिद और खालिद सैफी के साथ तस्वीरें मिली हैं। पुलिस तीनों के बीच कथित संबंधों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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मेरठ के रोहटा में छात्रा हत्याकांड मामले में कलक्ट्रेट के सामने मार्ग जाम कर उपद्रव के आरोपी सुशील गौतम और दिल्ली दंगों के आरोपियों उमर खालिद व खालिद सैफी का लिंक सामने आया है। सुशील गौतम के उमर खालिद के साथ एक कार्यक्रम में मंच साझा करने के अलावा दोनों आरोपियों के साथ अन्य फोटो भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और खालिद सैफी पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई थी। तीनों आरोपियों के संबंधों की पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
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प्रदर्शन के दौरान चिन्हित हुए कई असामाजिक तत्व
अनुसूचित जाति की छात्रा की अपहरण कर हत्या के आरोपियों पर धारा बढ़ाने आदि की मांग के लिए नौ जुलाई को पीड़ित परिवार के साथ बड़ी संख्या में लोग कमिश्नरी पार्क पहुंचे थे। इसके बाद ये लोग कलक्ट्रेट के सामने पहुंच गए और मार्ग जाम कर धरना देकर बैठ गए थे। इसमें जिले व दूसरे जिलों के असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे।
दर्ज प्राथमिकी के पुलिस अधिकारियों के समझाने के बावजूद आरोपियों ने जाम नहीं खोला। इससे लोगों, वकीलों और मरीजों को काफी परेशानी हुई। आरोपियों ने एक महिला दरोगा, एक सिपाही पर अश्लील कमेंट किए, एक निरीक्षक को कोहनी मारी और कई पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस को बल प्रयोग कर आरोपियों को यहां से खदेड़कर जाम खुलवाना पड़ा था।
पुलिस ने आठ आरोपी किए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में 16 आरोपियों को नामजद कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा 50 अज्ञात आरोपियों पर भी संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पांच घंटे प्रोजक्टर पर देखे थे मौके और सोशल मीडिया के फोटो
पुलिस अधिकारियों ने उपद्रव और पुलिस पर हमला करने वाले आरोपियों की पहचान के लिए रविवार देर रात तक पांच घंटे प्रोजक्टर पर आरोपियों के वीडियो देखे थे।
इस दौरान उन्होंने न केवल उपद्रव के दौरान पुलिस द्वारा की गई रिकॉर्डिंग के बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी देखे थे। इसमेें राहुल, सूरज आदि अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के फोटो सामने आए हैं। उपद्रवियों की यक्ष एप के जरिये पड़ताल कर आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई गई।
शाहीन बाग पर 101 दिन जाम लगाकर दिया था धरना
सीएए/एनआरसी के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर 2019 से मार्ग जाम कर 101 दिनों तक धरना दिया गया। इसी दौरान दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़के, इसमें कई लोगों की मौतें हुईं। आरोप था कि उमर खालिद और खालिद सैफी ने शाहीन बाग में गुप्त बैठकें कर दंगों की साजिश रची, चक्का जाम की योजना बनाई और फंडिंग जुटाई थी।
दिल्ली दंगे के दो आरोपियों और मेरठ उपद्रव में नामजद किए गए सुशील गौतम के साथ में लिए गए कुछ फोटो मिले हैं। इन फोटो और तीनों आरोपियों के आपसी संबंध की जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं। - विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी