सब्सक्राइब करें

महापंचायतों के रंग तस्वीरों के संग: आंदोलन के बीच पश्चिमी यूपी में सियासी समीकरण बदलने की तैयारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 12 Feb 2021 03:54 AM IST
विज्ञापन
Kisan Mahapanchayat in Pictures, Mahapanchayats are changing the political equation in Western UP via Farmers Movement
मुजफरनगर महापंचायत में जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
नए कृषि कानूनों के खिलाफ एक तरफ दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन में डटे हैं, तो दूसरी ओर आंदोलन को धार देने के उद्देश्य से महापंचायतों का सिलसिला जारी है।  


आंदोलन के जरिए हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों को एकजुटता का पाठ  तो पढ़ाया जा ही रहा है, वहीं किसान संगठन अपनी पकड़ मजबूत करने सियासी जमीन तलाशने की कोशिश में जुट गए हैं। आगे तस्वीरों में देखें महापंचायतों के रंग :-

 
Trending Videos
Kisan Mahapanchayat in Pictures, Mahapanchayats are changing the political equation in Western UP via Farmers Movement
राकेश टिकैत के आंसुओं ने बदली आंदोलन की दिशा - फोटो : Twitter

26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद आंदोलन मानो खत्म सा हो चला था। लेकिन अगले ही दिन किसान नेता राकेश टिकैत किसानों का दर्द बयान करते हुए जार-जार रो पड़े, जिसके बाद आंदोलन ने फिर से पलटी मार दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Kisan Mahapanchayat in Pictures, Mahapanchayats are changing the political equation in Western UP via Farmers Movement
महापंचायत में ट्रैक्टर-ट्राॅलियां लेकर जाते किसान - फोटो : amar ujala

पश्चिमी यूपी के किसान संगठनों ने रातों-रात महापंचायतों का ऐलान कर दिया और भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के गृह जनपद मुजफरनगर से इसकी शुरूआत हुई।

टिकैत के आंसुओं का ऐसा असर हुआ कि महापंचायत में किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा, तो वहीं सैंकड़ों किसान फिर से दिल्ली के गाजीपुर बाॅर्डर और यूपी गेट की ओर ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में सवार होकर रवाना हो गए। 

Kisan Mahapanchayat in Pictures, Mahapanchayats are changing the political equation in Western UP via Farmers Movement
महापंचायत में बोलते भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला

ट्रैक्टर परेड हिंसा के बाद जहां पंजाब के किसान संगठन पीछे हटते नजर आए तो हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों ने आंदोलन में अपना दबदबा कायम कर लिया। 


यूपी के किसान संगठनों सहित देशखापों का भी आंदोलन को पूरा समर्थन मिला। खाप चौधरियों व किसान नेताओं का कहना है कि अब ये लड़ाई किसानों के सम्मान की है। सरकार को नए कृषि कानून वापस लेने होंगे।  
 

विज्ञापन
Kisan Mahapanchayat in Pictures, Mahapanchayats are changing the political equation in Western UP via Farmers Movement
बड़ौत तहसील में हुई महापंचायत में हुक्के के साथ पहुंचे खाप चौधरी - फोटो : amar ujala

चर्चाएं तो यह भी हैं कि किसान आंदोलन अब भारतीय जनता पार्टी के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। अमर उजाला कि एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में खापों के आंदोलन को समर्थन देने के बाद से बीजेपी स्थानीय स्तर पर सक्रिय हो गई है।

 

कई जगहों पर खापों ने भाजपा नेताओं के बहिष्कार का संकल्प लिया है। इसे देखते हुए पार्टी ने जाट नेताओं और खापों के प्रभावशाली नेताओं से मिलकर उन्हें मनाने का फैसला लिया है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed