मेरठ के गंगानगर में जेजी ब्लॉक में 11 साल की बेटी चंचल को भोला झाल (गंगनहर) में फेंकने के मामले में रविवार को एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फॉर्स) टीम ने घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की मौजूदगी में सुबह से शाम तक अभियान जारी रहा, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। सोमवार को भी सुबह से ही टीम शव की तलाश में जुट गई। वहीं, पुलिस ने चंचल की मां को सख्त पहरे में रखा है।
Murder: लड़कों से बात करने पर नाखुश थे मां-बाप, 11 साल की बेटी को दी खौफनाक मौत, शव का चौथे दिन भी नहीं सुराग
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मूल रूप से बागपत के सिंघावली अहीर निवासी बबलू और उनकी पत्नी रूबी परिवार के साथ गंगानगर में किराए पर रहते हैं। इस दंपती ने ही एक सितंबर की शाम चंचल को गंगनहर में फेंक दिया था। इसके बाद वह थाने पहुंच गए और बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
छानबीन के दौरान दोनों के बयानों में विरोधाभास और शक के आधार पर पुलिस ने दंपती को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों ने ही मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने बताया कि चंचल फोन पर लड़कों से बातचीत करती थी। वह इससे नाखुश थे। कई बार मना करने पर भी वह नहीं मानी। इसलिए उसे मौत के घाट उतार दिया।
चंचल गंगानगर के गर्म पानी टंकी रोड स्थित शारदा पब्लिक स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। अध्यापकों का कहना है कि वह शांत स्वभाव की बच्ची थी। वहीं इंस्पेक्टर गंगानगर राजपाल सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने गंगनहर में कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया, मगर अब तक चंचल का कुछ पता नहीं चला है। आज सुबह फिर से तलाशी अभियान चलाया गया है। शव बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
रिश्तेदार भी हुए हैरान
रविवार को गंगानगर थाने पर आरोपी बबलू और रूबी के रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा। रिश्तेदारों को विश्वास ही नहीं हो रहा कि माता-पिता अपनी बच्ची के साथ ऐसा कर सकते हैं। वहीं, पुलिस ने आरोपी बबलू और एक रिश्तेदार को हवालात में बंद कर रखा है, जबकि मां रूबी को घर पर ही कड़ी निगरानी में रखा गया है। रूबी की बुजुर्ग मां भी नातिन के साथ हुई घटना के बारे में लोगों से पूछती रही।