मेरठ में पुलिस अफसर कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं। लेकिन जब मौका आता है तो ये दावे हवाई साबित होते हैं। बली गांव में पुलिस बल के सामने प्रधान के बेटे की हत्या कर दी गई और पुलिस बल हत्यारोपी की घेराबंदी के बजाय कमरों में जा घुसी।
प्रधान के बेटे की हत्या: गोली चलते ही कमरों में घुसा पुलिस बल, फायरिंग करते हुए फरार हुआ आरोपी
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बली गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में जिपं वार्ड 34 के उप चुनाव में एक दरोगा समेत एक दर्जन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन जिस समय विजय धामा ने पिस्टल से गोली चलाई तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को स्कूल परिसर के कमरों में घुसकर जान बचानी पड़ी।
खून से लथपथ अनित गुर्जर जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन इसके बाद भी आरोपी खुलेआम फायरिंग करता हुआ समर्थकों के साथ दुर्वेशपुर मार्ग की तरफ से भाग निकला। जिसके बाद कुछ देर बाद आरोपी फिर पहुंचा और फायरिंग की।
प्रधान के पुत्र अनित गुर्जर की अस्पताल में मौत का पता चलते ही भीड़ बेकाबू हो गई। अनित गुर्जर जहां बली गांव का था। वहीं हत्या करने के आरोपी विजय धामा का गांव आधा किमी दूरी पर रामनगर है।
ऐसे में दोनों गांवों के लोग आमने सामने आ गए और पथराव के बाद फायरिंग कर दी गई। भीड़ में इतना आक्रोश था कि भीड़ ने एसपी देहात अविनाश पांडेय और सीओ सदर देहात अखिलेश भदौरिया को भी घेर लिया।
पुलिस के साथ हाथापाई कर दी। कई पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की कर हाथापाई भी की गई। उसके बाद स्कूल परिसर के सामने खड़ी बस में तोड़फोड़ कर दी और आग लगाने की कोशिश की। पुलिस फोर्स भीड़ को खदेड़ने के बजाय खुद मौके से गायब हो गई।
भीड़ के सामने जो भी वाहन आया उसी में तोड़फोड़ कर दी। जो भी सामने आया उसी पर पथराव किया गया। जिसके बाद बली और रामनगर गांव के लोग आमने-सामने आ गए और गांव के बाहर से ही हवाई फायरिंग करते रहे। बाद में एसएसपी अजय साहनी मौके पर पहुंचे और रामनगर और बली गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया।