पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवान प्रदीप और अमित को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दोनों की अंतिम यात्रा में उमड़े लोगों में जबरदस्त गुस्सा भी था और लोगों ने ‘जवानों की शहादत का बदला लो के नारे लगाए।’ केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने श्रद्धांजलि दी।
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अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह, केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सतपाल सिंह, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, सांसद मुजफ्फरनगर संजीव बालियान, सांसद सहारनपुर राघव लखनपाल, सहित शामली और मुजफ्फरनगर के भाजपा विधायकों ने श्रद्धांजलि दी।
शुक्रवार रात से ही हजारों लोग शहर के रेलपार कॉलोनी निवासी शहीद अमित और बनत कस्बे के शहीद जवान प्रदीप के घर के बाहर जुटे थे। शनिवार सुबह करीब छह बजे जैसे ही दोनों के शव उनके घर पहुंचे। दोनों के घर के पास ही प्रशासन ने एक पंडाल बनवाया गया था। जहां शहीदों को श्रद्धांजलि देने लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
वहीं इस दौरान बच्चों और युवाओं के हाथों में तिरंगे थे और हर किसी की आंखें नम थीं। सुबह करीब नौ बजे बनत गांव में शहीद प्रदीप की अंतिम यात्रा शुरू हुई। श्मशान घाट पर प्रदीप के बड़े बेटे सिद्धार्थ ने मुखाग्नि दी। सीआरपीएफ के जवानों की गारद ने सशस्त्र सलामी दी।
इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे शामली रेलपार कॉलोनी में अमित के शव जनता दर्शन और श्रद्धांजलि के बाद शव यात्रा शुरू हुई।