मुझे बेटे खोने का गम है, लेकिन गर्व इस बात का है कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। उसके चार बेटे और है। चाहते है कि वे भी सेना में भर्ती होकर जांबाजों की शहादत का बदला लें।
2 of 5
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पिता सोहनपाल का कहना था कि उनका अमित बहुत दिलेर था। वह जब भी आता था तो सेना के जवानों के किस्से ही सुनाता था। धोखे से हुए हमले में वो शहीद हुआ है।
3 of 5
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि कई घरों के चिराग बुझाने वाले इन आतंकियों को तो ऐसा सबक मिलना चाहिए कि कोई हिंदुस्तान की तरफ आंख उठाने की हिम्मत भी ना कर सके। सरकार को भी कड़े फैसले लेने चाहिए।
4 of 5
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान अमित के भाई प्रमोद में बेहद गम और गुस्सा था। उसने कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए। बस अपने भाई का बदला चाहिए। सरकार हमें भी सीमा पर जाने की इजाजत दें। हम अपने भाई का बदला स्वयं लेंगे।
5 of 5
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वहीं भाई अर्जुन, सुनील और अनिल ने बताया कि उन्हें तो बस भाई के हत्यारों का बदला लेना है। उन्हें भी सीमा पर भेजा जाए। कहा कि आतंकियों से बहुत बात हो गई अब तो आरपार होनी चाहिए। कहा कि सब जानते हैं कि इस आतंकवाद के पीछे कौन है, लेकिन सरकार केवल बातचीत के जरिए हल तलाश रही है। ये लोग बातचीत की भाषा नहीं समझते, उन्हें तो बुलेट की भाषा में समझाना पड़ेगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/