सहारनपुर में अमर उजाला और नालंदा वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की ओर से रविवार को साइक्लोथॉन-साइकिल रैली का आयोजन किया गया। हाउ इज द जोश...हाई सर...के जोशीले नारे के साथ साइकिल रैली दून कैंब्रिज स्कूल से मल्हीपुर रोड होते हुए नालंदा स्कूल तक निकाली गई। इसमें कई स्कूलों के छात्रों ने उत्साह से भाग लिया।
साइकिल रैली से स्वच्छता का संदेश... आयोजन में अतुल जी को याद कर भावुक हुए सीएमओ, तस्वीरें
अमर उजाला और नालंदा वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की ओर से साइक्लोथॉन-साइकिल रैली का आयोजन किया गया। वहीं आयोजन में अतुल जी को याद कर सीएमओ भावुक हो गए, देखें तस्वीरें...
छात्रों ने संदेश दिया कि हम खुद भी स्वच्छ रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे और अन्य को इसके लिए प्रेरित करेंगे। रैली का समापन नालंदा वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में हुआ। अनुशासन और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस वैन, ट्रैफिक वैन और एंबुलेंस वैन भी साथ- साथ चली। समारोह में अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर, सीएमओ डॉ. बीएस सौढ़ी सहित अन्य अतिथियों ने छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बाद में अतिथियों ने लॉटरी निकालकर विजेताओं को पुरस्कृत किया। संचालन नालंदा स्कूल के डायरेक्टर डैनी सक्सेना ने किया जबकि स्कूल के चेयरमैन सुभाष चौधरी ने आभार जताया।
यूरोपियन देशों में साइकिलिंग का सबसे अधिक क्रेज
नगर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने कहा कि कार या बड़ा वाहन सड़क पर चलाते हैं तो वह 10 साइकिल के बराबर जगह घेरते हैं। प्रदूषण अलग फैलता है। उन्होंने यूरोपियन देशों का उदाहरण दिया कि वहां साइकिल चलाने में शरमाते नहीं हैं, बल्कि उत्साह से चलाते हैं। उन्होंने आयोजन की प्रचार सामग्री पर साइकिल के ऊपर दिल और ब्रेन की तस्वीर को सराहा। उन्होंने सेंट मैरीज एकेडमी के छात्र शब्द को मंच पर बुलाकर ग्रीन हाउस के बारे में सवाल किए। छात्र ने बेबाकी से जवाब भी दिए। साथ ही समझाया कि साइकिल चलाएंगे तो दिल- दिमाग सब स्वस्थ रहेगा। उन्होंने कहा कि बच्चे नेट पर बीजिंग को सर्च करेंगे तो वहां साइकिल ही साइकिल दिखाई देगी।
देसी तरीके से छात्रों को लोटपोट कर दिया
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह ने कार्यक्रम में बोलना शुरू किया तो उन्होंने छात्रों को देसी तरीके से संवाद कर उन्हें लोटपोट कर दिया। उन्होंने बच्चों से पूछा कौन साइकिल से गिरा, किसे चोट लगी। फिर कहा जो चोट खाकर उठता है, वह हमेशा कामयाब होता है। उन्होंने कुछ छात्रों को मंच पर बुलाया और सराहा भी। साथ ही कहा कि विकसित देशों में भी बड़े लोग साइकिलिंग करते हैं। यह ऐसा साधन है जिससे प्रदूषण नहीं फैलता और स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
साइकिल चलाओ, सेहत बनाओ
अंतरराष्ट्रीय साइकिलिस्ट और वयोवृद्ध बाबूराम सैनी ने कहा कि बच्चे बेझिझक साइकिल चलाएं। इससे वे हर समय फिट रहेंगे। इसके साथ ही योग व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। इस मौके पर उन्हें अतिथियों ने सम्मानित भी किया।
अतुल जी को याद कर भावुक हुए सीएमओ
- सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग होने का आह्वान किया। छात्रों को संबोधित करते हुए अमर उजाला की शुरुआत से लेकर अब तक के अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि अतुल माहेश्वरी जी ने इस ग्रुप को बड़ी पहचान और गरिमा दी। यह संस्थान आगे भी ऐसे ही आयोजन करता रहे।