चमोली में हुई तबाही के बाद उत्तर प्रदेश के गंगा किनारे वाले जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी मेरठ के बालाजी पूरे अमले के साथ मवाना तहसील पहुंचे, जहां बैठक के बाद खादर क्षेत्र के गांवों में अलर्ट जारी किया।
जानकारी के अनुसार आज रात तक गंगा में दो से तीन लाख क्यूसेक पानी आने की संभावना है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि बाढ़ की स्थिती बनती है तो प्रशासन हर स्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार है। अधिकारी खादर क्षेत्र में ही डटे हुए हैं।
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सिंचाई विभाग ने क्षेत्र में पहुंचकर लिया जायजा
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चमोली में तबाही के बाद मेरठ के जिलाधिकारी हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में पहुंचकर खुद मोर्चा संभाला। क्षेत्र की जनता को चैकन्ना कर हर तरह की मुसीबत से निपटने की बात अधिकारियों ने कही है।
वहीं मेरठ के सिंचाई विभाग ने बाढ़ के हालात से निपटने के लिए कमर कस ली है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सिंचाई विभाग के अधिकारी पी.के. जैन अपनी टीम के साथ बाढ़ से निपटने के लिए गंगा किनारे पहुंच चुके हैं। पूरी निगरानी की जा रही है।
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खादर क्षेत्र में पहुंचे डीएम मेरठ के बालाजी
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सिंचाई विभाग ड्रेनेज खंड का पूरा अमला हस्तिनापुर गंगा तट पर पहुंच गया है। सहायक अभियंता का कहना है कि शाम 6 बजे तक पानी हरिद्वार पहुंचेगा। रात्रि 12 बजे तक पानी के मेरठ सीमा में पहुंचने की संभावना है। 2 से 3 लाख क्यूसेक पानी आने की अभी आशंका जताई जा रही है।
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बाढ़ को लेकर अलर्ट
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जिलाधिकारी के बालाजी ने पूरी टीम के साथ हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों में जाकर लोगों को माइक के जरिए अलर्ट किया। प्रशासन से हर समय लोगों की मदद के लिये तैयार रहने और किसी तरह की अफवाह से बचे रहने के निर्देश दिए। बताया गया कि रात्रि 12 बजे के बाद जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि ज्यादा चिंता की बात नहीं है।
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खादर क्षेत्र में अलर्ट
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उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद यूपी के साथ गढ़ में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। एडीएम सहित प्रशासनिक अमला गंगा किनारों के गांव की स्थिति जानने मौके पर पहुंच चुका है। एनडीआरएफए पीएसी को भी अलर्ट पर रखा गया है। एडीएम ने बाढ़ चौकी अलर्ट कर दी है।