मेरठ में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी भले ही 50 हजार के इनामी थे, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। दिल्ली में आलीशान कोठी में परिवार सहित फरारी काट रहे थे। किसी तरह मेरठ पुलिस उनके पास तक पहुंची। दोनों की सटीक लोकेशन मिलने पर एसपी क्राइम अनित कुमार ने एसओजी और सर्विलांस की टीम को लेकर दिल्ली में डेरा डाल दिया। आधी रात को पुलिस टीम ने चांदनी नगर थाना पुलिस को साथ लेकर कोठी की घेराबंदी कर ली। जिसमें याकूब कुरैशी और उनका बेटा अपने परिचितों के साथ रह रहे थे। पुलिस टीम ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। याकूब कुरैशी और उनके बेटे इमरान की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई। वहीं, याकूब के रिश्तेदार मेरठ से दिल्ली के लिए रात में ही रवाना हो गए। याकूब कुरैशी बसपा सरकार के समय मंत्री रह चुका है और उसका बेटा इमरान बसपा के टिकट से चुनाव लड़ चुका है। याकूब कुरैशी के मीट पैकिंग के प्लांट और बड़े स्लॉटर हाउस (कमेले) मेरठ में हैं। याकूब ने कभी डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम देने की घोषणा की थी।
UP: अब्बू दरवाजा खोल दें.., अब चलना पड़ेगा, पुलिस को देख कमरे में बंद हो गए थे याकूब, बेटे ने खुलवाया दरवाजा
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याकूब की खातिरदारी करती दिखी पुलिस
याकूब को पुलिस ने दवाई दिलवाई। मेरठ तक याकूब के साथ उनके समर्थक और रिश्तेदार आठ गाड़ियों से मेरठ आए। पुलिस पिता-पुत्र को खरखौदा थाने लाई। सुबह दस बजे उन्हें कोर्ट लेकर पहुंची। इस दौरान सादी वर्दी में पुलिस वाले याकूब की खातिरदारी में लगे रहे। पुलिस वालों के याकूब-इमरान के साथ कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फरारी के दौरान भी हर जगह याकूब की पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान की पत्नी और उनके बच्चे भी साथ में रहते थे। दिल्ली हो या मुंबई, वह आलीशान कोठियों में रुके।
याकूब का जेल से पुराना नाता, इमरान पहली बार गया जेल
याकूब और इमरान की पुलिस ने गिरफ्तारी की या फिर उन्हें सेटिंग से पकड़ा गया। इसे लेकर पुलिस विभाग में अलग-अलग चर्चा है। याकूब और इमरान के चेहरे पर गिरफ्तारी की कोई भी शिकन नहीं थी। बता दें कि मेरठ से सिर्फ एक दरोगा और चार सिपाही ही दिल्ली गए हुए थे, जिन्होंने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। याकूब का पुलिस और जेल से पुराना नाता है। करीब 20 साल पहले याकूब कुरैशी और पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बीच नगर निगम में ठेकेदारी को लेकर विवाद हुआ था। गोलीबारी में एक युवक की हत्या हुई थी, जिसमें याकूब जेल गए थे। हालांकि बाद में याकूब को क्लीन चिट मिल गई थी, लेकिन इमरान पहली बार ही जेल में गया है। पिता-पुत्र के जेल जाने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
याकूब से बोला इमरान, अब्बू दरवाजा खोल दें...अब चलना पड़ेगा
बकौल पुलिस, इमरान ने पिता याकूब के कमरे का दरवाजा खटखटाया और कहा कि अब्बू बाहर आ जाओ, अब चलना पड़ेगा। इतना कहते ही याकूब ने दरवाजा खोल दिया और वह सर्दियों वाले कपड़े पहनने लगे। पुलिसवालों से बोले, चलो, वक्त-वक्त की बात है।
2019 का चुनाव लड़ना महंगा पड़ा: याकूब कुरैशी
पुलिस के मुताबिक, याकूब ने कहा कि 2019 का लोकसभा का चुनाव लड़ना महंगा पड़ा है। राजनीति के तहत मुझे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया है। मीट फैक्टरी में मुझे गए कई महीने हो गए थे। अब मेरा फैक्टरी से कोई लेना देना नहीं है। मेरी पत्नी को भी नामजद कराया है। कुछ लोग हमारे परिवार के पीछे पड़े हैं। छह महीने तक मेरी अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई। मेरा काफी नुकसान हो गया है। मुझे कानून पर भरोसा है, न्याय मिलेगा।