फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP: राज्यपाल बदलते ही जौहर विवि को मिला अल्पसंख्यक दर्जा, दो बार अटके विधेयक को अजीज कुरैशी ने दी मंजूरी

Tue, 21 Jul 2026 04:10 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Published by: Vimal Sharma Updated Tue, 21 Jul 2026 04:10 PM IST
सार

जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी। वर्ष 2007 में अल्पसंख्यक दर्जा देने का विधेयक विधानसभा और विधान परिषद से पारित होकर राज्यपाल के पास पहुंचा, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर और बी.एल. जोशी ने इसे मंजूरी नहीं दी। सात साल बाद वर्ष 2014 में उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी को यूपी का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर उन्होंने विधेयक को मंजूरी दे दी।

विज्ञापन
Jauhar University granted minority status immediately after change of Governor; Aziz Qureshi gave the approval
जाैहर विश्वविद्यालय पर शिकंजा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

सपा के कद्दावर नेता आजम खां की तरह जौहर यूनिवर्सिटी भी किसी न किसी रूप में शुरुआत से चर्चाओं में रही है। सपा शासन में सबसे ताकतवर कबीना मंत्री रहते आजम खां ने जब यूनिवर्सिटी की बुनियाद डाली तब हुए समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव समेत यूपी के 30 से ज्यादा मंत्रियों की रामपुर में मौजूदगी बड़ी चर्चा बनी थी तो यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक दर्जा मिलने का सफर भी कई बार सुर्खियों में रहा।



इस विधेयक को न तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर के कार्यकाल में मंजूरी मिली और न ही उनके बाद महामहिम का आसन संभालने वाले बीएल जोशी के समय में। सात साल इंतजार के बाद इस विधेयक को मंजूरी मिली साल 2014 में, जब उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी के पास यूपी के गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार था।

Jauhar University granted minority status immediately after change of Governor; Aziz Qureshi gave the approval
रामपुर के जाैहर विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2007 में यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा देने संबंधी विधेयक विधानसभा और विधान परिषद से पारित होकर राज्यपाल के पास भेजा गया। तत्कालीन राज्यपाल टीवी राजेश्वर और बाद में गवर्नर रहे बीएल जोशी ने इसे मंजूरी नहीं दी।

इस तरह यह मामला सात साल राज्यपाल स्तर पर लंबित रहा। कुछ समय बाद परिस्थितियां बदलीं। तत्कालीन राज्यपाल बी.एल. जोशी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद वर्ष 2014 में उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी को उत्तर प्रदेश के गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने सात वर्ष से लंबित इस विधेयक को मंजूरी दे दी।

Jauhar University granted minority status immediately after change of Governor; Aziz Qureshi gave the approval
जाैहर विश्वविद्यालय गेट धरना देते छात्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया। यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की अनुमति को आधार बनाया गया था जो वर्ष 2012 में मिली थी।

रामपुर के भाजपा नेता एवं लंबे समय तक आजम खां के मीडिया प्रभारी रह चुके फसाहत अली खां ने स्वीकार किया कि जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद से अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने तक में काफी समय लगा था। इसके लिए शिक्षा प्रेमियों ने लंबा संघर्ष किया था। वर्ष 2014 में जब उत्तराखंड के गवर्नर रहे अजीज कुरेशी के पास यूपी के राज्यपाल का भी प्रभार था, तब इस विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Jauhar University granted minority status immediately after change of Governor; Aziz Qureshi gave the approval
रामपुर के जाैहर विश्वविद्यालय गेट पर पुलिस तैनात - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बिल मंजूर होने के बाद भाजपा ने जताया था विरोध 
वर्ष 2014 में कार्यवाहक राज्यपाल अजीज कुरैशी द्वारा विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद भाजपा ने इसका विरोध किया था। तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था।

विज्ञापन
Jauhar University granted minority status immediately after change of Governor; Aziz Qureshi gave the approval
आजम खां - फोटो : अमर उजाला

बिल लंबित रहने पर आजम ने राज्यपाल पर साधा था निशाना 
सपा से जुड़े लोगों के अनुसार विधेयक लंबित रहने के दौरान सपा नेता आजम खां ने तत्कालीन राज्यपाल की कार्यप्रणाली पर कई बार सवाल उठाए थे। विरोध भी किया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्यपाल के रामपुर दौरे के दौरान आजम खां कुछ समय के लिए धरने पर भी बैठ गए थे। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed