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कील-मुंहासों से हैं परेशान, आजमाएं बीएचयू में बनी आयुर्वेदिक औषधि ‘मुग्धा’
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 09 Jun 2017 10:47 AM IST
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pimples
चेहरे पर कील मुंहासों से निजात के लिए युवा न जाने क्या-क्या नुसखे अपनाते हैं, न जाने कितने जतन करते हैं। युवान पीड़िका, आयुर्वेद में जिसे कील मुहासों की समस्या के तौर पर जाना जाता है, इससे मुक्ति के लिए आयुर्वेदिक औषधि तैयार की गई है। इसे बीएचयू आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र विभाग में तैयार किया गया है। आगे की स्लाइड्स में जानिए इसके बारे...
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- फोटो : Getty Images
बीएचयू में एमडी (आयुर्वेद) की छात्रा डॉ. वंदना मीणा द्वारा तैयार इस औषधि को ‘मुग्धा’ नाम दिया गया है। चेहरे का सौंदर्य बना रहे, इसके लिए अब बहुत ज्यादा क्रीम और कास्मेटिक की बजाए लोगों का रुझान आयुर्वेद की ओर भी बढ़ा है। बीएचयू के आयुर्वेद चिकित्सालय में रोजाना ही करीब 20-25 लोग कील मुंहासों की समस्या लेकर आते हैं।
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Ayurveda
इसे देखते हुए ही रसशास्त्र विभाग के प्रो. आनंद चौधरी के निर्देशन में डॉ. वंदना ने शंख भस्म, सारिवा, हरिद्रा, निम्ब, शाल्मली कंटक, रक्त चंदन जैसे आयुर्वेदिक पौधों से तीन तरह की औषधियां बनाईं। एक मुग्धा रस, दूसरा मुग्धा लेप और तीसरा मुग्धा क्रीम। सरिवा एक अच्छा ब्लड प्यूरीफायर है। निम्ब एंटी बैक्टीरियल है। शाल्मली कंटक मुंहासे की तरह होते हैं, जिन्हें घिस कर भी मुंहासों पर लगाया जाता है।
सांकेतिक चित्र
रसशास्त्र की ओपीडी में 40 मरीजों पर इन औषधियों का परीक्षण किया गया। 10 रोगियों को सिर्फ मुग्धा रस सेवन के लिए दिया गया। 10 को लेप लगाने के लिए और 10 को क्रीम लगाने के लिए दिया गया। गंभीर रूप से कील मुंहासों से पीड़ित 10 मरीजों को तीनों का इस्तेमाल करने को कहा गया। 90 दिनों के परीक्षण के बाद मुंहासों की संख्या, सूजन, स्राव, खुजली, जलन और धब्बों में 90 फीसदी तक सुधार मिला। चेहरे की स्वाभाविक कांति में वृद्धि देखने को मिली।
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- फोटो : अमर उजाला
एमडी (आयुर्वेद), डॉ. वंदना मीणा ने कहा कि कील मुंहासों से सिर्फ चेहरे की कांति और सौंदर्य ही क्षीण नहीं होता, बल्कि युवाओं का आत्मविश्वास भी कम होता जाता है। इससे मानसिक तनाव से भी वो ग्रसित हो जाते हैं। इन औषधियों के परिणाम सकारात्मक मिले हैं।
मुग्धा रस : इसका सेवन सुबह और शाम भोजन के बाद साढ़े तीन ग्राम लेना होता है।
मुग्धा लेप : गुलाब जल में मिलाकर इसे सप्ताह में तीन दिन चेहरे पर लगाना होता है।
मुग्धा क्रीम : चेहरे को अच्छे से साफ करके यह क्रीम लगाई जाती है। इसे लगाकर धूप में नहीं निकलना होता। धूप में निकलें तो चेहरा ढककर।
मुग्धा रस : इसका सेवन सुबह और शाम भोजन के बाद साढ़े तीन ग्राम लेना होता है।
मुग्धा लेप : गुलाब जल में मिलाकर इसे सप्ताह में तीन दिन चेहरे पर लगाना होता है।
मुग्धा क्रीम : चेहरे को अच्छे से साफ करके यह क्रीम लगाई जाती है। इसे लगाकर धूप में नहीं निकलना होता। धूप में निकलें तो चेहरा ढककर।