सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर मंगलवार को बीएचयू में कुंभ जैसा नजारा दिखा। स्वतंत्रता भवन में पहली बार देश के चुनिंदा संतों का संगम हुआ। मंगलवार को करीब पांच घंटे की आध्यात्मिक संगोष्ठी में योग गुरु बाबा रामदेव और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती सहित हनुमत पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेश शरण नंदिनी सहित कई संतों ने सनातन के लिए घातक होने वाले आगामी खतरों से विद्यार्थियों और लोगों को आगाह से किया। इस दौरान बाबा रामदेव ने सभी संतों को लेटकर प्रणाम किया।
काशी में संतो का समागम: 1000 साल पहले मंदिरों पर होते थे आक्रमण, अब संस्कारों-विचारों पर हो रही बात
Varanasi News: बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी में देश के चुनिंदा संतों ने भाग लिया। इस दौरान बाबा रामदेव ने सभी संतों को दंडवत प्रणाम किया।
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1000 साल पहले की बात है तब मंदिरों पर आक्रमण होते थे, अब संस्कारों-विचारों पर हो रहे। दिवाली में उपहार में मुझे बताशे की जगह चॉकलेट दिए गए, ये भी प्रहार है। हम संगठित रहकर ही इस संकट को रोक सकते हैं। हॉवर्ड, ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज, स्टैनफोर्ड सहित कई विदेशी विश्वविद्यालयों में सनातन का विरोध हो रहा है। उनकी एक किताब पढ़ी, जिसमें लिखा था कि हनुमान जी ने लंका में आग लगाई थी वो आतंकी गतिविधि थी। उनके हुंकार से काफी नुकसान हो गया। वहां के एक छात्र ने मुझसे पूछा कि हनुमान जी ने ऐसा क्यों किया। ऐसी भ्रामक बातें इतने बड़े संस्थानों में है। अवधेशानंद गिरि ने कहा कि जेएनयू का वातावरण अब बदल रहा है फिर भी वहां के लोगों को बीएचयू में भारत की मनीषा को सीखना चाहिए। यहां पर सनातन संस्कृति की रक्षा हो रही है। -महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, जूना अखाड़ा
तमिलनाडु में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में सनातन को खत्म करने संबंधी बयान दिए, अब ऐसे सनातन को गालियां देने वालों की अंत्येष्टि हो चुकी है। श्रद्धांजलि और तर्पण भी बहुत जल्द हो जाएगा। अस्तित्व बचाना है तो सनातन को गाली देना बंद करें। नहीं तो राजनीतिक मोक्ष तय है। आज दुनिया के 200 देश बिखरे हुए हैं, लेकिन आने वाले 25-50 और 100 वर्षों में पूरा विश्व ही एक वर्ल्ड पार्लियामेंट के रूप में खड़ा होगा और इसका नेतृत्व भारत करेगा। देवाधिदेव महादेव से हमें शक्ति मिलती है। आज पहली बार महामना की बगिया में आया हूं। सभी वरिष्ठ गुरु हैं। -बाबा रामदेव
4 मई और ममता गई, 9 मई और संस्कार-सरकार नई। पीएम मोदी और सीएम योगी जहां भी प्रचार करने गए वहीं सबका उपचार करके आए। सारी सीटें सनातन की झोली में गईं। बंगाल सिर्फ प्रदेश नहीं बाॅर्डर राज्य था। यह सिर्फ मंदिर का नहीं, सनातन के स्वाभिमान पर्व है। एक हजार साल पहले मंदिर तो गिरा यदि कुछ नहीं गिरा तो वो थी सनातन के प्रति आस्था, विश्वास और श्रद्धा। गजनी आया और गिरकर चला गया। सोमनाथ और विश्वनाथ मंदिर आज भी खड़ा है। इस परंपरा को कभी हराया नहीं जा सकता। भारत अस्त्रों-शस्त्रों या ताकत-तलवारों के बल पर नहीं शास्त्र और संस्कारों की धरती है। -स्वामी चिदानंद सरस्वती, अध्यक्ष, परमार्थ आश्रम ऋषिकेश
विदेशी आक्रांताओं की परछाइयों के पार जाने का अभ्यास करें
हमें भारत के स्वाभिमान के बारे में विचार करते हुए विदेशी आक्रांताओं की परछाइयों के पार जाने का अभ्यास करना होगा। हमारा इतिहास बोध मुगल काल और ब्रिटिश शासन में जाकर टिक जाता है। हमारा इतिहास बोध आक्रांताओं से जब तक शुरू होता है तब तक भारत स्वाभिमान को प्राप्त नहीं कर सकता। आग लगने के पहले भी घर था। सोमनाथ का इतिहास चंद्रदेव के शिव की आराधना और उनके ज्योति रूप में प्रकट होने से। द्वादश में पहला शिवलिंग सोमनाथ का है। कई बार मंदिर विध्वंश की कथा है। -आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण, हनुमत पीठाधीश्वर, अयोध्या