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Holi: काशी में परंपराओं के ये पांच स्थान...छाया रहा उल्लास, खूब उड़े गुलाल; अखाड़ों में नागा साधु ने खेली होली

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 05 Mar 2026 02:02 PM IST
सार

Holi: काशी में होली की खुमारी अभी तक छाई हुई है। बुढ़वा मंगल की तैयारी भी तेजी से चल रही है। कई स्थान ऐसे रहे जहां, सुबह से शाम तक रंग गुलाल उड़ते रहे। देसी-विदेशी पर्यटकों ने इस त्योहार का जमकर लुत्फ उठाया।

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Holi five traditional places in Kashi filled with joy and colors Naga Sadhus celebrated Holi in Akharas
शनिवार को काशी विद्यापीठ में हुई होली में होली की जमकर लुत्फ उठाते छात्र-छात्राएं। अमर उजाला

काशी में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उत्सव है जहां भक्त अपने आराध्य के संग गुलाल उड़ाते हैं। इस साल काशी की होली परंपराओं के पांच प्रमुख केंद्रों के इर्द-गिर्द सिमटी होगी, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण चौसठ्ठी देवी मंदिर के दर्शन है। 

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Holi five traditional places in Kashi filled with joy and colors Naga Sadhus celebrated Holi in Akharas
काशी विद्यापीठ में हुई होली में होली की जमकर लुत्फ उठाते छात्र-छात्राएं।  - फोटो : अमर उजाला

चौसठ्ठी देवी के दर्शन से पूर्ण होगी काशी की होली : काशी में देवी-देवाओं के साथ होली खेलने की परंपरा रही है। होली के दिन चौसठ्ठी घाट पर स्थित चौसठ्ठी देवी मंदिर के दर्शन करने के बाद ही काशीवासियों की होली पूरी होती है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि चौसठ्ठी देवी प्राचीन सिद्धपीठ है, जहां 64 योगिनियां प्रतिष्ठित हैं। देवी महिषासुरमर्दिनी को समर्पित यह मंदिर तंत्र साधना का केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि होली पर भक्त अबीर-गुलाल अर्पित करते हैं तभी उनकी होली पूरी होती है। 

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काशी में होली - फोटो : अमर उजाला

आराध्यदेव को चढ़ाएंगे अगीर-गुलाल : काशी के मंदिरों में भी दिव्य होगी होगा। भक्त श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, जागेश्वर महादेव, गौरी केदारेशवर, तिलभांडेश्वर, बाबा कालभैरव, गोपाल मंदिर, इस्काॅन, त्रिदेव आदि मंदिरों में अबीर, गुलाल और फूलों से भक्त होली खेलेंगे। सुबह से रात तक होली खेलने के लिए भक्तों की कतार लगी रहेगी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में फूलों की होली होगी।

Holi five traditional places in Kashi filled with joy and colors Naga Sadhus celebrated Holi in Akharas
काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने खेली होली। - फोटो : संवाद न्यूज

घाटों की रंगत : साधु-संतों की होली
अस्सी से भैंसासुर घाट पर होली की रंगत बिखरेगी। घाट के साधु-संत और तीर्थ पुरोहित भी अपने अंदाज में होली खेलेंगे तो घाटों पर युवाओं की टोलियां अपने मिजाज में होली की मस्ती में डूबे रहेंगे। अस्सी, दशाश्वमेध, पंचगंगा, भैंसासुर आदि घाटों पर ढोल-मजीरा के साथ फाग गीतों के साथ होली की मस्ती करेंगे।

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काशी में होली की धूम। - फोटो : अमर उजाला

अखाड़ों में नागा साधु खेलेंगे होली
काशी में 13 अखाड़ों के नागा साधु-संत अपने आराध्य देव की पूजा के बाद होली खेलेंगे। जूना अखाड़े में नागा साधु अपने आराध्यदेव दत्तात्रेय की पूजा करेंगे और उनको गुलाल चढ़ाएंगे। ऐसे ही महानिर्वाणी, अटल, निरंजनी, आनंद, अग्नि आदि अखाड़ों में नागा साधु अपने अंदाज में होली खेलेंगे।

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