पुलिस ने मनाई होली: त्योहार के एक दिन बाद सीपी-डीएम ने लगाया गुलाल, जमकर झूमे; बताया ड्यूटी का महत्व
Varanasi News: कार्यक्रम में विभिन्न शाखाओं के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। रंगों के इस उत्सव ने पुलिस लाइन के वातावरण को पूरी तरह उल्लासमय बना दिया। आयोजन के अंत में सभी ने एक-दूसरे को सुरक्षित और शांतिपूर्ण होली के लिए शुभकामनाएं दीं।
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Varanasi Police Holi: वाराणसी में होली के एक दिन बाद पुलिस लाइन परिसर रंगों से सराबोर नजर आया। ड्यूटी की व्यस्तता के कारण पर्व के दिन एक साथ उत्सव नहीं मना पाने वाले पुलिस कर्मियों ने गुरुवार को सामूहिक रूप से रंगोत्सव मनाया। सुबह से ही पुलिस लाइन में उत्साह का माहौल रहा। जवानों और अधिकारियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों ने परंपरागत ढंग से गुलाल लगाकर गले मिलना शुरू किया। कहीं हल्की-फुल्की संगीत धुनों पर जवान थिरकते दिखे तो कहीं समूहों में बैठकर एक-दूसरे को मिठाई खिलाते नजर आए। पूरे परिसर में हंसी-ठिठोली और उमंग का वातावरण बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहने के कारण कई पुलिसकर्मी होली के दिन अपने परिवार से दूर रहे थे, ऐसे में यह आयोजन उनके लिए विशेष महत्व रखता था।
इस अवसर पर कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को गुलाल लगाकर रंग उत्सव की बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि त्योहार हमें आपसी सौहार्द, प्रेम और एकता का संदेश देते हैं। पुलिस बल न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाता है, बल्कि समाज में सामुदायिक सौहार्द को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
सीपी ने सुरक्षा के दिए संदेश
मोहित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि होली जैसे पर्व तनाव को कम करने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी कर्मियों को अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए समाज में सकारात्मक संदेश देने की अपील की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, इसलिए सभी ने जिस मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाई, वह सराहनीय है।
होली के इस सामूहिक आयोजन ने यह संदेश दिया कि कर्तव्य की कठोरता के बीच भी मानवीय संवेदनाएं और उत्सव की भावना जीवित रहती है। पुलिस लाइन में मनाया गया यह रंगोत्सव न केवल आपसी संबंधों को मजबूत करने का माध्यम बना, बल्कि सेवा और समर्पण के बीच खुशी के पल साझा करने का अवसर भी साबित हुआ।
