फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mukhtar Ansari: मिट्टी में मिला माफिया मुख्तार का राजनीतिक भविष्य, गुनाह गिनते-गिनते थक जाएंगे

Mon, 01 May 2023 12:29 PM IST
उत्पल कांत संतोष सिंह, अमर उजाला, वाराणसी
संतोष सिंह, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 01 May 2023 12:29 PM IST
विज्ञापन
Mafia Mukhtar Ansari  political future Ruined in soil know his crime history
मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला

बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी का राजनीतिक भविष्य लगभग खत्म हो गया है। बीते आठ महीने के दौरान ही उसे चार मामलों में सजा मिल चुकी है। अब माफिया के लिए राजनीतिक सफर को आगे बढ़ा पाना मुश्किल होगा। वह लंबे समय तक मऊ की सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहा है। दूसरी तरफ, माफिया का एकछत्र साम्राज्य भी ढह गया है। सांसद भाई अफजाल अंसारी को भी चार साल की सजा मिल गई है। मऊ सदर से वर्तमान विधायक व माफिया का बेटा अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद है। बहू निखत अंसारी भी जेल में है। पत्नी आफ्शा अंसारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित हो चुका है। पुलिस के रिकॉर्ड में वह फरार चल रही है। नीचे की स्लाइड्स में पढ़ें मुख्तार के सियासी सफर के बारे में...


ये भी पढ़ें: अफजाल की संसद सदस्यता खत्म होगी: 6 बार विधायक और दो बार के सांसद...जानें भाकपा से बसपा तक का सियासी सफर

Mafia Mukhtar Ansari  political future Ruined in soil know his crime history
मुख्तार अंसारी। - फोटो : अमर उजाला

माफिया मुख्तार अंसारी को 22 सितंबर 2022 से 29 अप्रैल 2023 के बीच चार मामलों में सजा मिल चुकी है। 22 सितंबर 2022 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुख्तार को सात साल की सुनाई थी। ठीक अगले ही दिन यानी 23 सितंबर को जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की अदालत ने गैंगस्टर के मामले में पांच साल की सजा सुनाई थी।
ये भी पढ़ें: जज ने कहा- बड़े भाई ने अपना फर्ज निभाया होता तो छोटा न बनता माफिया, मुंशी प्रेमचंद की कहानी...

Mafia Mukhtar Ansari  political future Ruined in soil know his crime history
अफजाल अंसारी। - फोटो : अमर उजाला

इसी तरह 15 दिसंबर 2022 को अवधेश राय की हत्या से जुड़े एक मामले और एडिशनल एसपी पर हमले समेत कुल पांच मामलों में गाजीपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी। अब गाजीपुर की एमपी/एमएल कोर्ट ने गैंगस्टर मामले में मुख्तार को 10 साल की सजा सुनाई है। उसके भाई अफजाल अंसारी को भी चार साल की सजा सुनाई गई है।
ये भी पढ़ें: मुख्तार-अफजाल अब जेल में: एक समय पूर्वांचल में थी अंसारी बंधुओं की तूती, अब पूरे परिवार पर शिकंजा

विज्ञापन
विज्ञापन
Mafia Mukhtar Ansari  political future Ruined in soil know his crime history
विधानसभा में मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर वर्ष 1996 में पहली बार मऊ के सदर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था। इसके बाद 2002 व 2007 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीतकर लखनऊ पहुंच गया। 2012 में कौमी एकता दल का गठन किया और चुनाव लड़कर जीत हासिल की। 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से टिकट की मांग की, लेकिन नहीं मिल सका। 

विज्ञापन
Mafia Mukhtar Ansari  political future Ruined in soil know his crime history
मुख्तार अंसारी

इसके बाद कौमी एकता दल से ही चुनाव मैदान में उतरा और जीत हासिल की। हालांकि, वर्ष 2022 के चुनाव से मुख्तार ने दूरी बना ली और अपनी राजनीतिक विरासत बेटे अब्बास अंसारी को सौंप दी। अब्बास अंसारी ने पिता की परंपरागत सीट से ही सुभासपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed