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भगवान शिव के इस व्रत को रखने से होगी विजय और लक्ष्य की प्राप्ति, जानिए पूजन विधि
Thu, 03 Jan 2019 12:17 PM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Thu, 03 Jan 2019 12:17 PM IST
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shiv ji
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नए साल के शुरू होने के साथ ही कैलेंडर में त्योहारों को देखने का सिलसिला शुरू हो जाता है। वहीं, पंचांग में साल भर के व्रतों-त्योहारों को लेकर आप लोग उत्सुक रहते हैं। ऐेसे ही व्रतों की श्रेणी में प्रदोष व्रत का एक विशेष महत्व है। इस साल का पहला प्रदोष व्रत तीन जनवरी को रखा जायेगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
शिव पूजा
33 करोड़ देवी-देवताओं में सबसे श्रेष्ठ महादेव है और जब बात हो काशी की तो शिव का महत्व तो और भी बढ़ जाता है। आमतौर पर शिव के भक्त प्रदोष व्रत रखते है, जिससे दुखों का नाश होता है और घर में सुख समृद्धि आती है। इसलिए इस व्रत को हर महीने रखा जाता है।
shiv puja
हर हिंदी महीने के 13वीं (त्रयोदशी) तिथि को दो पक्षों के प्रदोष काल के मिलने से इस व्रत का योग बनता है। ये योग इस महीने 2 जनवरी, बुधवार की रात 2:11 बजे से 3 जनवरी, गुरुवार की रात 3:21 बजे तक बन रहा है। इस तरह से प्रदोष व्रत तीन जनवरी को रखा जाएगा।
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शिव मंदिर में पूजा करती भक्त
ज्योतिषविद् विमल जैन ने वारों के अनुसार इस व्रत के महत्व को बताया है। उन्होंने बताया कि यदि यह व्रत रविवार के दिन पड़ता है तो आरोग्य, लम्बी उम्र, सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। सोमवार के दिन व्रत करने से जीवन में शांति और रक्षा की प्राप्ति होती है। वहीं, मंगलवार के दिन व्रत होने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। बुधवार के दिन व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
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shiv
- फोटो : shiv
इस बार यह व्रत गुरुवार को पड़ रहा है, इस दिन उपवास करने से विजय और लक्ष्य की प्राप्ति होगी। शुक्रवार को व्रत करने से आरोग्य, सौभाग्य और मनोकामना की पूर्ति होगी। शनिवार को विधिविधान से प्रदोष व्रत करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदोष व्रत हर माह करने से फल की प्राप्ति जल्दी होती है।