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शिक्षामित्रों ने दी चेतावनी मांगें नहीं मानी तो बन जाएंगे मुसलमान, मांगी भीख
Sun, 30 Jul 2017 03:45 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 30 Jul 2017 03:45 PM IST
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शिक्षक पद पर बहाली के लिए शिक्षामित्र लगातार आवाज उठा रहे हैं। शनिवार को भी पूर्वांचल समेत पूरे प्रदेश में शिक्षामित्रों ने धरना-प्रदर्शन कर और ज्ञापन सौंप आंदोलन को धार दी।
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वाराणसी, बलिया, सोनभद्र, मऊ, जौनपुर और चंदौली में शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय और मिर्जापुर में कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार से सकारात्मक कदम उठाने की मांग की। गाजीपुर में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया तो आजमगढ़ में कलेक्ट्रेट चौराहे पर भीख मांगी।
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भदोही में विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी के आवास पर प्रदर्शन कर घेराव किया। वहीं आजमगढ़ में शिक्षामित्रों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को चौथे दिन भी कुंवर सिंह उद्यान में जारी रहा। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने भिक्षाटन कर विरोध जताया और कहा कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी गई तो जिले में 3200 शिक्षामित्र इस्लाम धर्म कबूल करेंगे।
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धरने में वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार हमारे आजीविका की स्थायी व्यवस्था अतिशीघ्र नहीं करती है तो हम भिक्षा मांगने को बाध्य होंगे। क्योंकि जीवन के अमूल्य 17 वर्ष प्राथमिक शिक्षा में देने के उपरांत उम्र के इस पड़ाव पर हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचता है। यदि अतिशीघ्र हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम अपना धर्म त्यागकर इस्लाम कबूल कर लेंगे।
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देवसी प्रसाद यादव, हरेंद्र सिंह, कैलाश यादव और कृष्ण मोहन उपाध्याय ने कहा कि न्याय के मंदिर से अन्याय मिला है। हमारे 17 वर्षों के किए गए परिश्रम और त्याग को दरकिनार करते हुए रोड पर ला दिया गया है। वहीं समायोजन रद्द होने के बाद सभी शिक्षामित्र धरना प्रदर्शन करने में मशगूल हैं। इससे विद्यालयों में शिक्षण की व्यवस्था चरमरा गई है।
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