{"_id":"585fcf974f1c1b8640eeb067","slug":"some-unseen-photos-of-rastriya-sanskriti-mahotsav-2017","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"...और जाते जाते भी रंग भर गया संस्कृति महोत्सव, देखें कुछ खास लम्हें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...और जाते जाते भी रंग भर गया संस्कृति महोत्सव, देखें कुछ खास लम्हें
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 25 Dec 2016 08:09 PM IST
विज्ञापन
लोक नृत्य और संगीत लेकर आए देश भर के लोक कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव अपनी कई यादें और मुलाकातें देकर अलविदा कह गया। शनिवार को आठ दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आखिरी दिन था। आगे की स्लाइड्स में देखें क्या क्या हुआ महोत्सव में....
संस्कृति महोत्सव में शास्त्रीय गायन और वादन की भी मिठास घुली
- फोटो : अमर उजाला
काशी और आसपास के लोगों को ये संस्कृति और कला का महोत्सव वो सब कुछ दे गया जिसके शायद वो शायद अंजान थे। चाहे वो बहुरुपिया के रूप में आए राजस्थान के बहुरुपिये रहे हों या विविध लोक नृत्य और संगीत लेकर आए देश भर के लोक कलाकार।
संस्कृति महोत्सव का हुआ समापन
- फोटो : अमर उजाला
विविध लोक चित्रों के रंगों के साथ ही इस महोत्सव में नामी हस्तियों ने भी अपनी शिरकत से इसे यादगार तो बना ही दिया।इस महोत्सव की साक्षी बनकर काशी खुद पर तो इतराई ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय का भी मान बढ़ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी की शिरकत ने महोत्सव के अध्याय में एक नई कड़ी जोड़ी
- फोटो : अमर उजाला
देश भर के अलग अलग राज्यों ग्रामीण परिवेश, आदिवासी इलाकों से आए लोक कलाकारों ने इस महोत्सव को विविध लोक रंगों से चटख किया। इस महोत्सव की साक्षी बनकर काशी खुद पर तो इतराई ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय का भी मान बढ़ गया।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी की शिरकत ने महोत्सव के अध्याय में एक नई कड़ी जोड़ी
- फोटो : अमर उजाला
झारखंड, बिहार, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृतियों का मिलन हुआ। झारखंड के कलाकारों ने पाइका नृत्य और त्रिपुरा के होजागिरी नृत्य ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।