वाराणसी में रात्रि कर्फ्यू के लागू होने के पहले दिन शनिवार की रात मिलाजुला असर रहा। कहीं सड़कों पर सन्नाटा दिखा तो कहीं दुकानें खुली रहीं। पहला दिन होने की वजह से ही पुलिस ने भी सख्ती नहीं दिखाई बल्कि लोगों को यह समझाने में रही कि रात्रि कर्फ्यू का पालन करें। रात 11 बजे तक अधिकतर दुकानें बंद हो गईं तो वहीं लक्सा इलाके में दुकानें रात साढ़े ग्यारह बजे के बाद भी शटर गिराकर खुली रहीं।
Night Curfew in UP: वाराणसी में कहीं सड़कों पर सन्नाटा, कहीं खुली रहीं दुकानें, पुलिस गश्त करती रही
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गोदौलिया चौराहा: 11.05 बजे
रात्रि कर्फ्यू का पालन कराने के लिए दशाश्वमेध पुलिस गोदौलिया चौराहे पर उतरी। यहां मिश्राम्बु की खुली दुकानों को थानाध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बंद कराया। इस दौरान गोदौलिया दूध सट्टी में लोगों की भीड़ उमड़ी रही और अधिकतर लोग बगैर मास्क के दिखे।
कैंट रेलवे स्टेशन के सामने: 11.11 बजे
सिगरा थाने की पुलिस रात 11 बजे के बाद कैंट रेलवे स्टेशन के विजयानगर मार्केट में पहुंची, यहां रात भर गुलजार रहने वाले होटलों और चाय पान की दुकानों को बंद कराया। वहीं कई ठेले वाले पुलिस को देख गलियों में घुस गए। वहीं आटो और अन्य वाहनों को पुलिस ने खदेड़ दिया, जिससे यात्रियों को परेशानियों झेलनी पड़ी।
कचहरी चौराहा: रात 11.28 बजे
कैंट थाने की पुलिस कचहरी चौराहे पर पहुंची, हालांकि पहले ही दुकानें बंद हो गई थी। पुलिस आने और जाने वालों से पूछताछ की। इस दौरान फैंटम दस्ते पर सवार पुलिसकर्मियों ने माइक से रात्रि कर्फ्यू का पालन करने के लिए एनाउसमेंट करते हुए जागरूक किया।
रात्रि कर्फ्यू में आपातकालीन सेवा को छोड़ बेवजह कोई भी सड़क पर घूमता हुआ दिखाई पड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों को रात में विशेष चेकिंग करने का निर्देश दिया गया है। रात में नौकरी करने वालों का उनका परिचय पत्र ही पास होगा। पुलिस को भी निर्देशित किया गया है कि किसी के साथ अभद्रता न हो। अच्छा व्यवहार करें लेकिन मास्क नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी करें। - सुभाष चंद्र दुबे, अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध)