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वरुणा पर कब्जा होता रहा और सोते रहे जिम्मेदार, ‘अमर उजाला’ की खबर पर मची खलबली

Fri, 02 Jun 2017 02:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 02 Jun 2017 02:50 PM IST
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Varuna encroachment  was captured and sleeping responsible officer
varuna - फोटो : अमर उजाला
देर तो हुई पर अंधेरगर्दी से कुहासा छंटने की शुरूआत हो गई। ‘अमर उजाला’ की ख़बरों को सरकार ने संज्ञान में लिया। वरुणा किनारे हो रही जमीन की हेरा-फेरी से जुड़े सभी महकमों में खलबली मची रही। अब कार्रवाई के डर से सभी जिम्मेदार एक-दूसरे पर दोषारोपण करने में जुट गए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
Varuna encroachment  was captured and sleeping responsible officer
वरुणा के डूब क्षेत्र में में बन गई बांउड्री - फोटो : अमर उजाला
डीएम आवास के ठीक पीछे वरुणा के हृदय में उतरकर कब्जा करने की नापाक कोशिश के फेर में नाद नदी को खोदकर चंबल घाटी सा बना दिया गया। इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए खनन का पट्टा निरस्त कर दिया गया। यही नहीं, कब्जे के लिए वरुणा में गिरने वाला नाला तक पाट दिया गया। जलनिकासी बंद हो जाने से यहां बसे करीब दो सौ लोगों की जान खतरे में है। कभी बीमारियां घेरे में लेंगी तो कभी बाढ़ उनका सब कुछ डुबा देगी। 
Varuna encroachment  was captured and sleeping responsible officer
मिट्टी से पाटा गया वरुणा नदी का जलभराव क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
विडंबना यह है कि नगर निगम के अफसरों समेत अन्य विभागों के आला अफसर इस विनाश लीला को सात साल से देखते हुए भी खामोश रहे। सरकार के भू और वन माफिया के खिलाफ सख्त तेवर के बावजूद अभी तक वरुणा के गुनहगार विभागों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। महकमों में दिन भर चर्चा रही कि इस मामले में बड़े नौकरशाहों तक आंच आ सकती है इसीलिए लीपापोती की संभावना है...।
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Varuna encroachment  was captured and sleeping responsible officer
varuna - फोटो : अमर उजाला
सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल के भाई हीरालाल जायसवाल ने एचएलए होटल के लिए नाद नदी के किनारे मनमाने ढंग से इतनी खुदाई करवाई है। सैकड़ों डंपर मिट्टी निकाले जाने से बरसात के दिनों में आसपास के गांवों के डूब क्षेत्र में आने का खतरा बढ़ गया है। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की थी। एडीएम प्रशासन मुनींद्रनाथ उपाध्याय की जांच में  शिकायत सही पाई गई। मानक से ज्यादा खुदाई करने पर खनन का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
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Varuna encroachment  was captured and sleeping responsible officer
वरुणा में गिरने वाले इस नाले से भीम नगर के घरों की जल निकासी होती थी - फोटो : अमर उजाला

उपाध्याय ने खनन विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब भी किया है। पूछा गया कि जिले में कितने स्थानों पर व्यावसायिक कार्यों के लिए खनन की अनुमति दी गई है, जिस पर बताया गया कि केवल रौना खुर्द में ही खनन की अनुमति दी गई है। पांच स्थानों पर घरेलू कार्यों के लिए खनन की अनुमति दी गई है। भीम नगर में इतनी ज्यादा मात्रा में मिट्टी कहां से आई इस बारे में किसी के पास कोई जवाब नहीं था। उपाध्याय का कहना है कि मिट्टी कहां से आई, इसकी जांच कराई जाएगी और इसके दोषियों पर भी कार्रवाई होगी।
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