साल 2020 पूरे देशवासियों के लिए कष्टदायी रहा। मार्च से ही कोरोना का संक्रमण ऐसा फैला कि अभी तक इससे उबरपाना मुश्किल लगता है। वाराणसी में भी इसका असर पड़ा है। आम आदमी तो कोरोना से जंग लड़ ही रहा था, लेकिन सबसे अहम भूमिका स्वास्थ्य विभाग की रही। डॉक्टर हो या पैरामेडिकल स्टॉफ सभी ने अपनी जिम्मेदारियों की निर्वहन बखूबी किया और अब भी कर रहे हैं। हालांकि कोरोना से जंग में सफलता के लिए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की टीम भी जूझती रही। कोरोना की जंग लड़ते लड़ते एडिशनल सीएमओ डॉ. जंगबहादुर के साथ ही होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी को भी जंग हारनी पड़ी।
Year Ender 2020: कोरोना के साए और वैक्सीन के इंतजार में बीता साल, 349 लोगों ने वाराणसी में कोरोना से तोड़ा दम
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21 मार्च को मिला पहला कोरोना मरीज
जिले में कोरोना का पहला मरीज 21 मार्च को संक्रमित हुआ। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। दूसरा मरीज भी 28 मार्च को मिला। इसके बाद न केवल स्वास्थ्य विभाग, बल्कि जिला प्रशासन भी मुस्तैद हो गया। कोविड अस्पताल बनाने के साथ ही वहां स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई। इसके बाद तो एक के बाद एक मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया जो अब तक जारी है।
जमातियों और परिजनों पर रही विशेष नजर
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिनों में ही जमातियों और उनके संपर्क में आए परिवारीजनों पर विशेष नजर रखी गई। दिल्ली में जमातियों के संक्रमित होने की जानकारी मिलने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हो गई। एक के बाद एक जमाती और उनके संपर्क वालों की जांच हुई तो धीरे-धीरे संख्या 100 के पार पहुंच गई।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा को 2020 में कई सुविधाएं मिलीं। इसमें कोरोना से जंग लड़ने के लिए कोरोना लैब की सौगात मिली। इसके बाद न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को जांच में सहूलियत हुई। यही नहीं यहां इमरजेंसी में आठ बेड का आईसोलेशन वार्ड भी बनाया गया। यहां अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। इसके अलावा इमरजेंसी सहित अन्य जगहों पर आने वाले मरीजों के लिए वेंटीलेटर भी मिला।
जिला महिला अस्पताल
जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में गर्भवती महिलाओं, बच्चों के सेहत की जांच के लिए एमसीएच विंग का लोकार्पण भी 2020 में हुआ। इसके बाद यहां कोरोना संदिग्ध गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर इलाज की सुविधा भी शुरू हो गई। जांच के लिए उपकरण भी आए हैं। अब नए साल में इसके सामान्य तरीके से संचालन शुरू होने की संभावना है।