{"_id":"615230e98ebc3e04b9361c87","slug":"age-is-just-an-another-number-agra-news-agr509357037","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुनून हो तो उम्र बाधा नहीं बन सकती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुनून हो तो उम्र बाधा नहीं बन सकती
विज्ञापन
होशियार सिहं तरकर
- फोटो : Agra City
विज्ञापन
आगरा। जुनून हो तो उम्र बाधा नहीं बन सकती। यह केवल एक आंकड़ा भर रह जाती है। ताजनगरी के 68 साल के बैडमिंटन खिलाड़ी होशियार सिंह तरकर ने यह साबित किया है। तरकर स्पेन में होने वाली वर्ल्ड मास्टर्स सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह एकल के साथ युगल प्रतिस्पर्धा में भी खेलेंगे।
गोवा में खेली गई नेशनल वेटरंस बैडमिंटन चैंपियनशिप में तरकर ने सेमी फाइनल तक का सफर तय किया था। इसी आधार पर उनका भारतीय टीम में स्थान पक्का हुआ। वह वर्ष 2015 में स्वीडन में हुई वर्ल्ड वैटरंस चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के पुष्प विहार में रहने वाले तरकर यूपी राजकीय निर्माण निगम में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद से दस साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन और सक्रिय हो गया। वेटरंस वर्ग में उनके अलावा पूरे देश से सात खिलाड़ियों को भारतीय टीम में स्थान मिला है।
हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस
हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस करता हूं। मेरे लिए उम्र का कोई मतलब नहीं है। अनुशासन और समयबद्धता को कुंजी बना रखा है। भारत के लिए पदक जीतना मकसद है।
-होशियार सिंह तरकर
बस, जीत के आ जाओ
होशियार सिंह की पत्नी मीना तरकर ने बताया कि इस उम्र में भी उनके लिए बैडमिंटन जुनून बना हुआ है। वह कभी रुकावट नहीं बनीं। सिर्फ इनसे एक ही बात कहती हूं कि खूब खेलो और जीत के आओ बस।
अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।
अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।
Trending Videos
गोवा में खेली गई नेशनल वेटरंस बैडमिंटन चैंपियनशिप में तरकर ने सेमी फाइनल तक का सफर तय किया था। इसी आधार पर उनका भारतीय टीम में स्थान पक्का हुआ। वह वर्ष 2015 में स्वीडन में हुई वर्ल्ड वैटरंस चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के पुष्प विहार में रहने वाले तरकर यूपी राजकीय निर्माण निगम में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद से दस साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन और सक्रिय हो गया। वेटरंस वर्ग में उनके अलावा पूरे देश से सात खिलाड़ियों को भारतीय टीम में स्थान मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस
हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस करता हूं। मेरे लिए उम्र का कोई मतलब नहीं है। अनुशासन और समयबद्धता को कुंजी बना रखा है। भारत के लिए पदक जीतना मकसद है।
-होशियार सिंह तरकर
बस, जीत के आ जाओ
होशियार सिंह की पत्नी मीना तरकर ने बताया कि इस उम्र में भी उनके लिए बैडमिंटन जुनून बना हुआ है। वह कभी रुकावट नहीं बनीं। सिर्फ इनसे एक ही बात कहती हूं कि खूब खेलो और जीत के आओ बस।
अमर उजाला ई-पेपर फ्री में पढ़ने के लिए अमर उजाला ऐप डाउनलोड करें, एकदम फ्री, ये ऑफर सीमित समय के लिए है।
अमर उजाला ई-पेपर डेली एक रुपये से भी कम, अभी सब्सक्राइब करें और अपने शहर की हर खबर, हर समय, हर डिवाइस पर पाएं ।