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जुनून हो तो उम्र बाधा नहीं बन सकती
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होशियार सिहं तरकर
- फोटो : Agra City
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आगरा। जुनून हो तो उम्र बाधा नहीं बन सकती। यह केवल एक आंकड़ा भर रह जाती है। ताजनगरी के 68 साल के बैडमिंटन खिलाड़ी होशियार सिंह तरकर ने यह साबित किया है। तरकर स्पेन में होने वाली वर्ल्ड मास्टर्स सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह एकल के साथ युगल प्रतिस्पर्धा में भी खेलेंगे।
गोवा में खेली गई नेशनल वेटरंस बैडमिंटन चैंपियनशिप में तरकर ने सेमी फाइनल तक का सफर तय किया था। इसी आधार पर उनका भारतीय टीम में स्थान पक्का हुआ। वह वर्ष 2015 में स्वीडन में हुई वर्ल्ड वैटरंस चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के पुष्प विहार में रहने वाले तरकर यूपी राजकीय निर्माण निगम में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद से दस साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन और सक्रिय हो गया। वेटरंस वर्ग में उनके अलावा पूरे देश से सात खिलाड़ियों को भारतीय टीम में स्थान मिला है।
हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस
हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस करता हूं। मेरे लिए उम्र का कोई मतलब नहीं है। अनुशासन और समयबद्धता को कुंजी बना रखा है। भारत के लिए पदक जीतना मकसद है।
-होशियार सिंह तरकर
बस, जीत के आ जाओ
होशियार सिंह की पत्नी मीना तरकर ने बताया कि इस उम्र में भी उनके लिए बैडमिंटन जुनून बना हुआ है। वह कभी रुकावट नहीं बनीं। सिर्फ इनसे एक ही बात कहती हूं कि खूब खेलो और जीत के आओ बस।
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गोवा में खेली गई नेशनल वेटरंस बैडमिंटन चैंपियनशिप में तरकर ने सेमी फाइनल तक का सफर तय किया था। इसी आधार पर उनका भारतीय टीम में स्थान पक्का हुआ। वह वर्ष 2015 में स्वीडन में हुई वर्ल्ड वैटरंस चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ट्रांसपोर्ट नगर के पुष्प विहार में रहने वाले तरकर यूपी राजकीय निर्माण निगम में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद से दस साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन और सक्रिय हो गया। वेटरंस वर्ग में उनके अलावा पूरे देश से सात खिलाड़ियों को भारतीय टीम में स्थान मिला है।
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हर रोज पांच घंटे प्रेक्टिस करता हूं। मेरे लिए उम्र का कोई मतलब नहीं है। अनुशासन और समयबद्धता को कुंजी बना रखा है। भारत के लिए पदक जीतना मकसद है।
-होशियार सिंह तरकर
बस, जीत के आ जाओ
होशियार सिंह की पत्नी मीना तरकर ने बताया कि इस उम्र में भी उनके लिए बैडमिंटन जुनून बना हुआ है। वह कभी रुकावट नहीं बनीं। सिर्फ इनसे एक ही बात कहती हूं कि खूब खेलो और जीत के आओ बस।
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