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UP: महिला परिचालक को जड़े थप्पड़, चालक का गला पकड़कर घसीटा; आगरा पुलिस की हरकत से रोडवेज कर्मियों में उबाल

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 25 Jun 2026 09:05 AM IST
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सार

आगरा की टेढ़ी बगिया चौकी में रोडवेज चालक और महिला परिचालक से कथित मारपीट के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रोडवेज कर्मचारियों में आक्रोश है और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।

Agra Police Accused of Assaulting Bus Driver and Woman Conductor Roadways Employees Threaten Protest
ट्रांस यमुना पुलिस चौकी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा के थाना ट्रांस यमुना की टेढ़ी बगिया चौकी में रोडवेज के चालक रोहित और महिला परिचालक उपासना के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष है। रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।




 

मंगलवार को मेरठ के लिए रवाना हो रही रोडवेज बस के चालक रोहित और परिचालक उपासना का दूसरे डिपो के चालक-परिचालक से विवाद हो गया था। आरोप है कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराने के बजाय पीड़ित चालक रोहित का गला पकड़कर घसीटते हुए सिपाही चौकी ले गया। वहीं महिला परिचालक उपासना को चौकी के अंदर ले जाकर थप्पड़ मारे गए। चालक के साथ भी मारपीट की गई।
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थाना खंदौली क्षेत्र के सेमरा निवासी चालक रोहित और परिचालक उपासना का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। पुलिस के खिलाफ शिकायत न करने का दबाव बनाया जा रहा है। दोनों का कहना है कि वे आरोपी पुलिसकर्मी हेमंत व अन्य के खिलाफ कार्रवाई होने तक पीछे नहीं हटेंगे। पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल व पुलिस आयुक्त से पर भी करेंगे।

 
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चौकी ले जाने से पहले स्टेशन इंचार्ज का हस्तक्षेप जरूरी
यूपी रोडवेज के वरिष्ठ नेता प्रमोद श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस को संबंधित स्टेशन इंचार्ज को सूचना देनी चाहिए थी। ड्यूटी पर तैनात सरकारी बस के चालक और परिचालक को इस तरह गला पकड़कर चौकी ले जाना और उनके साथ अभद्रता, पिटाई करना उचित नहीं है। पुलिस ने स्टेशन इंचार्ज के हस्तक्षेप को भी जरूरी नहीं समझा। घटना से रोडवेज कर्मचारियों में आक्रोश है और यदि आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन किया जाएगा।

 

कर्मचारियों में बढ़ रहा आक्रोश
रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि यदि ड्यूटी के दौरान चालक और परिचालक की सुरक्षा नहीं होगी तो कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होगा। यूनियन पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 

कारखासी की जिम्मेदारी सौंपे जाने से भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, महिला परिचालक और चालक से मारपीट के आरोपों में घिरे सिपाही का स्थानांतरण नवंबर माह में यातायात विभाग में हो चुका था। इसके बावजूद उसकी रवानगी नहीं की गई और उसकी जगह दूसरे सिपाही को यातायात विभाग भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संबंधित सिपाही को थाने और चौकियों की कारखासी (कार्यालय संबंधी कार्य) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। घटना के बाद उसके स्थानांतरण के बावजूद थाने में बने रहने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
 
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