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UP: गड्ढों से झांक रहीं सरियां, एक साल पहले जा चुकी दो जानें; यमुना पर बने इस पुल का हाल तो देखिए
Wed, 12 Aug 2026 09:55 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 12 Aug 2026 09:55 AM IST
सार
यमुना पर बना आंबेडकर पुल बदहाल हो चुका है। गहरे गड्ढों से सरिया बाहर निकल आई है और रात में स्ट्रीट लाइट न होने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। करीब 16 साल में पुल नौ बार क्षतिग्रस्त हो चुका है, जबकि एक साल पहले हादसे में दो लोगों की जान जा चुकी है।
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गड्ढों से झांक रहीं सरियां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के यमुना किनारे स्थित हाथी घाट को एत्माद्दौला स्मारक, महताब बाग और ताज व्यू पॉइंट से जोड़ने वाला आंबेडकर पुल जर्जर हो गया है। पुल पर गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं जिनसे सरिया का जाल झांकने लगा है। करीब आठ गड्ढों और जगह-जगह उखड़ चुकी सड़क राहगीरों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है। इन गड्ढों से सरिया तक निकल आई है और रात के समय स्ट्रीट लाइट न होने से स्थिति और भयावह हो जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं दिखते। 16 साल में यह पुल 9 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है।
मंगलवार को अमर उजाला ने मौके पर पड़ताल की, जिसमें कहीं गहरे गड्ढे मिले तो कहीं फुटपाथ के स्लैब तक गायब थे। वाहन चालकों से लेकर पैदल यात्रियों तक को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा था। यह मार्ग ताजमहल और एत्माद्दौला स्मारक देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सावन में कांवड़ यात्रियों के लिए भी अहम है। टेढ़ी बगिया निवासी विजय यादव ने बताया कि पुल के गड्ढे महीनों से यूं ही पड़े हैं, कई बार शिकायत के बाद भी इन्हें नहीं भरा गया। कौशल सेंगर ने कहा कि निकली हुई सरिया और टूटे भाग कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रशासन को हादसे का इंतजार छोड़ तत्काल मरम्मत करानी चाहिए।
एक महीने बंद रहा था पुल
वर्ष 2009 में हल्के वाहनों के आवागमन के लिए बने इस पुल की स्थिति लगातार बिगड़ती रही है। अब तक यह 9 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। पिछले वर्ष आंधी में रेलिंग की जालियां टूटने के बाद यातायात रोकना पड़ा, जिससे यमुना किनारा से वाटरवर्क्स तक भीषण जाम लग गया। करीब एक महीने तक पुल बंद रहा।
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मंगलवार को अमर उजाला ने मौके पर पड़ताल की, जिसमें कहीं गहरे गड्ढे मिले तो कहीं फुटपाथ के स्लैब तक गायब थे। वाहन चालकों से लेकर पैदल यात्रियों तक को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा था। यह मार्ग ताजमहल और एत्माद्दौला स्मारक देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सावन में कांवड़ यात्रियों के लिए भी अहम है। टेढ़ी बगिया निवासी विजय यादव ने बताया कि पुल के गड्ढे महीनों से यूं ही पड़े हैं, कई बार शिकायत के बाद भी इन्हें नहीं भरा गया। कौशल सेंगर ने कहा कि निकली हुई सरिया और टूटे भाग कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रशासन को हादसे का इंतजार छोड़ तत्काल मरम्मत करानी चाहिए।
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एक महीने बंद रहा था पुल
वर्ष 2009 में हल्के वाहनों के आवागमन के लिए बने इस पुल की स्थिति लगातार बिगड़ती रही है। अब तक यह 9 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। पिछले वर्ष आंधी में रेलिंग की जालियां टूटने के बाद यातायात रोकना पड़ा, जिससे यमुना किनारा से वाटरवर्क्स तक भीषण जाम लग गया। करीब एक महीने तक पुल बंद रहा।
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