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Agra News: सीए बता कारोबारी से लिया जीएसटी पासवर्ड, काटे 1.43 करोड़ के बिल, 43.64 लाख का नोटिस मिलने पर हुई जानकारी, पीड़ित की शिकायत पर थाना सिकंदरा में प्राथमिकी दर्ज

Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:18 AM IST
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Bichpuri Poultry Farm has been closed for nine years, demanding its reopening for employment; Samajwadi Party Mazdoor Sabha submitted a memorandum to the Divisional Commissioner's office.
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आगरा। खुद को चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) बताकर शातिरों ने कारोबारी को झांसे में लिया। उसकी फर्म के जीएसटी की यूजर आईडी और पासवर्ड लेने के बाद बिना जानकारी दिए 1.43 करोड़ के फर्जी बिल काटकर आईटीसी क्लेम ले ली। पीड़ित के पास विभाग का नोटिस आने पर जानकारी हुई। एसीपी हरीपर्वत अमीषा के आदेश पर थाना सिकंदरा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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दहतोरा स्थित ओमत्यागीपुरम निवासी विष्णु शर्मा ने बताया कि उनकी फर्म बीके ट्रेडर्स अगस्त 2024 में पंजीकृत हुई थी। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024-25 से मार्च 2025-26 तक उन्होंने जीएसटी रिटर्न शून्य धनराशि का भरा, उन्हें व्यापारिक जानकारी कम थी। 20 अप्रैल, 2024 को विमल सिंह निवासी कालिंदी विहार, हरवंश कटारिया उर्फ हैरी निवासी नगला पदी और अभिषेक दुबे निवासी चंद्रनगर कालिंदी विहार उनसे मिले।
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हरवंश ने खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताते हुए जीएसटी संबंधित कार्य संभालने का भरोसा दिलाया। विश्वास में लेकर आरोपियों ने फर्म की यूजर आईडी व पासवर्ड हासिल कर लिया और ओटीपी भी प्राप्त कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने आईडी का दुरुपयोग करते हुए सिंह ट्रेडर्स जिसका पंजीकरण 4 मार्च, 2025 को निरस्त हो चुका था, उसके माध्यम से 27 अप्रैल, 2025 को 1.21 करोड़ रुपये का लेनदेन दिखाया।
इसके अलावा सीजीएसटी और एसजीएसटी का कुल 1.43 करोड़ रुपये का बिल तैयार किया। माल का परिवहन ई-वे बिल के जरिए दर्शाया गया। इस राशि के समायोजन के लिए इनवॉइस नंबर 1 से 6 तक फर्जी बिल जारी किए गए, जिनके ई-वे बिल अलग-अलग वाहनों से परिवहन दर्शाया गया। ये सभी बिल श्री गिर्राज जी पेपर के नाम पर जारी किए गए।
जब जीएसटी विभाग ने 43.64 लाख रुपये टैक्स व जुर्माना जमा करने का नोटिस भेजा, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। दिखाए गए लेन-देन में उनके किसी बैंक खाते का उपयोग नहीं हुआ और फर्म के नाम पर नियम विरुद्ध ऑटो पार्ट्स का लेनदेन दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से धोखाधड़ी की है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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