सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Bizoli Youth Arrested Before Big Payoff in Firing at Rohit Shetty’s House

UP: दीपक शर्मा किस तरह बन गया लाॅरेंस का शार्प शूटर, रोहित शेट्टी के घर पर बरसाईं गोलियां; पढ़ें पूरी कहानी

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 18 Feb 2026 08:28 AM IST
विज्ञापन
सार

आगरा के बाह के गांव का रहने वाला दीपक शर्मा इंस्टाग्राम पर रील देखकर लाॅरेंस का शार्प शूटर बन गया। इतना ही नहीं उसने सिग्नल एप पर बातचीत से खुद को पुलिस से बचने के तरीके भी सीख लिए।

Bizoli Youth Arrested Before Big Payoff in Firing at Rohit Shetty’s House
पुलिस गिरफ्त में शूटर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बड़े शहरों की चकाचाैंध। अमीरों की तरह रहन-सहन। इंस्टाग्राम पर रील। बीहड़ के इलाके से परिवार का नाता। इन सबने बिजाैली के दीपक शर्मा को लाॅरेंस बिश्नोई का शार्प शूटर बना दिया। इंस्टाग्राम पर रील देखने के साथ, सिग्नल एप पर बातचीत से खुद को पुलिस से बचने के तरीके भी सीख लिए। एक संदेश के बाद फिल्म निर्माता के घर फायरिंग के बाद बड़ी रकम मिलने वाली थी। मगर इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
Trending Videos



 

फिल्म निर्माता निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू, मुंबई स्थित घर पर 31 जनवरी की रात फायरिंग हुई थी। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच एवं यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़े मुख्य शूटर बाह के बिजौली का दीपक शर्मा और जतिन भारद्वाज मौसेरे भाई हैं। एसटीएफ के मुताबिक, दीपक शर्मा विदेश में बैठे हरि बॉक्सर के संपर्क में था। उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग कराई थी। वारदात के पीछे शुभम लोनकर गिरोह का हाथ है। बिजौली के ही सनी और सोनू दीपक के साथी हैं। उन्होंने घर के बाहर रेकी की थी। गांव के रितिक यादव ने दीपक और उसके साथियों की छिपने में मदद की थी। गिरफ्त में आए सभी बदमाश लॉरेंस विश्नोई गैंग के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि शार्प शूटर दीपक सहित अन्य को सिग्नल एप पर ही संदेश मिला था। इसके बाद ही दीपक गोलियां बरसाने पहुंचा था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली के क्वात्रा होटल में नौकरी, शादियों में लगाता है स्टाल
मंगलवार को दीपक शर्मा के बिजौली स्थित घर पर अमर उजाला की टीम पहुंची। मुख्य शूटर की मां विद्यावती और बीमार बहन नीतेश ही मिलीं। विद्यावती ने बताया कि वर्ष 2015 में पति रमेश चंद का निधन हो गया था। वह बेटी के साथ घर में रहती हैं। बेटा दीपक दिल्ली में किराये के कमरे में रहता है। वह क्वात्रा होटल में काम करता है। काम के साथ ही हलवाई का भी काम करता है। शादी समारोह में जाकर खाने-पीने की स्टाल लगाता है। इस कारण वो बड़े शहर की चकाचाैंध में फंस गया। वह घर कभी कभार ही आता था। घर का गुजारा किसी तरह चल पाता है। मां का कहना था कि बेटा कब अपराध की दुनिया में चला गया, उन्हें नहीं पता। बताया कि दीपक दिवाली पर घर आया था।

 

गोलियां बरसाने से पहले दीपक ने मां से की थी बात
31 जनवरी को उससे बात हुई थी, तब से संपर्क नहीं हो सका। मकान गिरवी रखकर बेटी की शादी कराई थी। दीपक का दूसरा भाई विष्णु अपनी पत्नी के साथ मध्य प्रदेश में रहता है। विद्यावती ने बताया कि बहन संतोष की आगरा में शादी हुई है। वह बेटों जतिन भारद्वाज और सुमित के साथ नोएडा में किराये के मकान में रहती हैं। दोनों बेटे गार्डनिक सोसाइटी में वेल्डिंग का काम करते हैं। जतिन दिन और सुमित रात की ड्यूटी करता है।

 

मेरा बेटा गलत काम नहीं कर सकता
दीपक और जतिन को 15 फरवरी को मुंबई क्राइम ब्रांच एवं यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। संतोष थाने में पहुंची थी और बेटे को पकड़े जाने की वजह पूछी। मगर थाने से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विद्यावती को यकीन नहीं कि बेटा ऐसा काम कर सकता है? उनका कहना था कि बेटा बड़ा होकर अच्छा काम करना चाहता था, जिससे परिवार की हालत सुधर सके। मगर पिता की मौत के बाद हालत से वो काम करने के लिए मजबूर हो गया। कम उम्र में ही नौकरी करने लगा। परिवार की हालत का हवाला देकर कहा कि गलत काम करता तो उन्हें दूसरों के यहां पर नौकरी क्यों करनी पड़ती? बहन की हालत भी अच्छी नहीं है, वह बेटों के सहारे जिंदगी काट रही है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed