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Health: दवा ले रहे हैं फिर भी नहीं कंट्रोल हो रही शुगर? आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, अध्ययन में हुआ ये खुलासा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 18 Feb 2026 10:33 AM IST
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सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के डायबिटीज विभाग का अध्ययन अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित हुआ है। जिसके अनुसार अधूरी नींद भी मुख्य वजह मानी जा रही है, जिससे दवा लेने के बाद भी शुगर कंट्रोल नहीं हो रही है।
डायबिटीज
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
दवाओं के बावजूद अगर ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं है तो खराब नींद भी इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि रोजाना 6-8 घंटे की मीठी (बिना टूटे) नींद डायबिटीज कंट्रोल में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि नींद के दौरान शरीर हार्मोन संतुलन बनाए रखता है। यह अध्ययन अमेरिकन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
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पर्याप्त नींद लेने से इंसुलिन का प्रभाव बेहतर होता है, जिससे शरीर ग्लूकोज का सही इस्तेमाल कर पाता है। वहीं, कम नींद या अनियमित नींद लेने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जो शुगर लेवल को असंतुलित कर सकते हैं।
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डॉ. प्रभात ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज के डायबिटीज विभाग ने इस विषय पर अध्ययन किया। इसमें चार व्यक्तियों को शामिल किया गया। इनमें दो डायबिटीज व्यक्ति विदेशी समय के हिसाब से काम करते थे, यानी रात में उनकी ड्यूटी और दिन में नींद थी। बाकी दो व्यक्ति भारतीय समय के अनुसार काम करते थे, यानी दिन में काम और रात को सोते थे। दोनों समूहों को एक ही तरह की दवा और उपचार दिया गया।
इसके बाद परिणाम सामने आया कि जो व्यक्ति भारतीय समय के अनुसार नियमित और पूरी नींद यानी 6 से 8 घंटे ले रहे थे, उनका शुगर कंट्रोल अधिक संतुलित रहा। वहीं, विदेशी समय के अनुसार काम करने वाले और दिन में सोने वाले व्यक्तियों में शुगर लेवल अनियंत्रित दिखा। इससे ये सिद्ध हुआ कि अगर डायबिटीज पीड़ित पर्याप्त नींद ले तो शुगर कंट्रोल ज्यादा बेहतर हो सकती है।
क्यों जरूरी है अच्छी नींद
-इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है
-सुबह का नाश्ता शुगर लेवल स्थिर रहता है
-भूख नियंत्रित होती है
-हाई बीपी और हृदय रोग का खतरा घटता है
-इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है
-सुबह का नाश्ता शुगर लेवल स्थिर रहता है
-भूख नियंत्रित होती है
-हाई बीपी और हृदय रोग का खतरा घटता है
ऐसे सुधारें नींद
-निश्चित समय पर सोएं और जागें
-सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूरी रखें
-रात में हल्का और संतुलित भोजन लें
-कैफीन व अल्कोहल का सेवन सीमित करें
-दिन में कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें
-निश्चित समय पर सोएं और जागें
-सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूरी रखें
-रात में हल्का और संतुलित भोजन लें
-कैफीन व अल्कोहल का सेवन सीमित करें
-दिन में कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें